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आंकड़ों में संतृप्त, 34 गांव स्कूल विहीन

Tue, 04 Oct 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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बेसिक शिक्षा विभाग के मानक के तहत किसी भी गांव के बच्चे एक किमी से अधिक दूर स्कूल पढ़ने नहीं जाएंगे। इसी मानक के तहत जिले में 1903 प्राथमिक स्कूल संचालित हैं, लेकिन अभी भी ऐरायां ब्लाक के नोनिहन का पुरवा, मायाराम का पुरवा, बाकरगंज, अहरीपर, अमाव बजार, धाता ब्लाक में गडरियन पुरवा, खजुहा ब्लाक में ललियापुर, बहुआ ब्लाक में छीट का पुरवा, कटिहा पुरवा हैं।
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विजयीपुर ब्लाक के गनेशपुर, अलीपुर, गुखुरुवापुर, गडरियन पुरवा, मउनापुर, गडरियन का डेरा, नंदनपुर इस्कुरी, महावीर का डेरा, हथगाम ब्लाक क्षेत्र के चक अली, प्रयागदास पुर, हंसवा ब्लाक में चक जानुद्दीनपुर, हनुमानपुर, बंधवा, मुस्तफापुर, देवमई ब्लाक के दुर्गापुर, ममनापुर, घिनवाखेरा, तेलियानी ब्लाक के नोनिहनपुर, अमौली ब्लाक के सधऊ बधऊ का डेरा, असोथर ब्लाक के नया डेरा, रमशोलेपुर, बाबा तारा, सिंधू तारा, मलवां ब्लाक का बेनी खेरा और नगर क्षेत्र का सैदाबाग हैं।

इन सभी गांवों की आबादी 15100 है। इन गांवों से किसी प्राथमिक स्कूल की दूरी डेढ़ से दो किमी से कम नहीं है। इन गांवों को 4847 नौनिहालों का मानक से दूर स्थित स्कूलों में कक्षा एक में प्रवेश दिलाया गया है। शिक्षक बताते हैं कि हाउस होल्ड सर्वे के तहत इन गांवों के बच्चों का स्कूल में प्रवेश तो करा लिया गया है, लेकिन स्कूल दूर होने के कारण ऐसे बच्चों की उपस्थिति बहुत ही कम रहती है।
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बीएसए विनय कुमार का कहना है कि जिले में 34 असेवित बस्तियां चिन्हित हैं। इस बस्तियों से स्कूलों की दूरी मानक से अधिक है। यहां पर स्कूलों का निर्माण कराने के लिए दो वित्तीय वर्षों से शासन से  बजट मांगा जा रहा है, लेकिन बजट नहीं मिल रहा है।
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