बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के मुआवजे को शासन ने 18 करोड़ एक लाख 80 हजार रुपये की धनराशि आपदा राहत कोष से दी है।
50
फीसदी से अधिक नुकसान वाले किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। करीब महीने
भर से किसानों को राहत राशि वितरित की जा रही है, पर अभी तक 50 फीसदी
गांवों के किसानों को मुआवजे की राशि नहीं मिली है।
जिले में 1516
राजस्व ग्राम हैं। यहां के करीब ढाई लाख लोग खेती बाड़ी कर गुजारा करते
हैं। बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों में भारी नुकसान हुआ
है। जिन किसानों की 50 फीसदी से अधिक फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनको शासन
की ओर से राहत राशि दी जा रही है।
शासन ने पहले चरण में 91 लाख
रुपये, दूसरे चरण में दो करोड़ 92 लाख 66 हजार रुपये, तीसरे चरण में आठ
करोड़ पांच लाख 40 हजार रुपये और चौथे चरण में छह करोड़ 12 लाख 74 हजार
रुपये मुआवजे की धनराशि दी है।
जिला प्रशासन ने नुकसान के अनुसार
तीनों तहसीलों में धनराशि भेजी है पर अभी तक हंसवा विकास खंड के एकारी,
थरियांव, बहरामपुर, टेक्सारी बुजुर्ग, मलांव, खरसोला गांव में एक भी
किसानों को राहत राशि नहीं मिली है।
इसके अलावा भिटौरा विकास खंड
के चीत, चौहट्टा, मकनपुर, हैबतपुर, लतीफपुर, पिलखिनी, औढे़रा, गनपतपुर,
मकनपुर, मोहद्दीपुर और तेलियानी विकास खंड के मवइया, जमालपुर, कसेरुवा,
बहलोलपुर, लक्ष्मणपुर अम्भैया विजईपुर विकास खंड क्षेत्र के रारी,
रघुराजपुर, चंदापुर, गिरधरपुर समेत जिले के 50 फीसदी गांव के किसानों को
चेक नहीं मिली हैं।