औंग। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं खेत और फसलें भी बह गई हैं। मलवां ब्लॉक की अभयपुर ग्राम पंचायत के सदनहा और बिंदकी फार्म क्षेत्र में बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार अमरेश सिंह और जिला आपदा अधिकारी कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने पहुंचकर बाढ़ और कटान का जायजा लिया। रामघाट गांव में दोबारा गंगा का पानी घुस गया है।
प्रधान रामदास निषाद ने अफसरों के सामने किसानों की जमीन और फसलें गंगा में समाने का मामला उठाते हुए प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की। महिला किसान रामा ने बताया कि गंगा की कटान में उनकी करीब छह बीघा जमीन नदी में समा चुकी है।
जमीन पर खड़ी धान, पालक, गोभी और पशुओं के चारे की फसल भी पानी में बह गई। उन्होंने बताया कि आसपास के किसान महावीर, छोटेलाल और रामकिशोर की जमीन और फसलें भी कटान की भेंट चढ़ चुकी हैं।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की आवाजाही के लिए पहले एक नाव और नाविक लगाया गया था। पानी बढ़ने के बाद अब दो नाव और दो नाविक कर दिए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो।
प्रति हेक्टेयर 47 हजार रुपये क्षतिपूर्ति
जिला आपदा अधिकारी कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कटान प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर तहसील स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पात्र किसानों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार प्रति हेक्टेयर 47 हजार रुपये की दर से क्षतिपूर्ति देने की प्रक्रिया की जाएगी। स्वामित्व और राजस्व अभिलेख वैध पाए जाने पर किसानों को नियमानुसार भुगतान किया जाएगा। न्यूनतम सहायता राशि पांच हजार रुपये निर्धारित है।
बेरीनारी और रामघाट में खेतों में भरा पानी
देवमई ब्लॉक की गलाथा ग्राम पंचायत के मजरा बेरीनारी और रामघाट में भी गंगा का पानी पहुंचने लगा है। ग्रामीणों के खेतों में करीब एक फीट तक पानी भर गया है। इससे फसलों के नुकसान की आशंका बढ़ गई है। वहीं, आशापुर ग्राम पंचायत के जाड़े का पुरवा और अवसेरी खेड़ा को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पहले ही पानी के तेज बहाव में कट चुका है। निरीक्षण के दौरान आपदा अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को संपर्क मार्ग का जल्द निर्माण कराने के निर्देश दिए।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान (100.86 मीटर) से चार सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। बुधवार शाम जलस्तर 100.80 मीटर था, जो बृहस्पतिवार शाम बढ़कर 100.90 मीटर हो गया।
फोटो-32-रामघाट में घुसा बाढ़ का पानी। संवाद