हुसैनगंज थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी अजय कुमार (30) गुरुवार को एक नर्सिंग होम में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने कुछ देर हंगामा किया। इसके बाद शव को लेकर वापस गांव लौट गए। कई दिनों से अजय बुखार से पीड़ित थे। उसे पहले परिजन पक्का तालाब स्थित एक नर्सिंग होम ले गए थे। वहां के डॉक्टर ने हालत बिगड़ने पर दूसरे नर्सिंग होम भेजा। जहां पर युवक की मौत हो गई।
इधर, कसवा पीएचसी के मलाव गांव के रघुराज की बेटी चार साल की बेटी अंजलि को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसका नौबस्ता के एक झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर शुक्रवार को वह मासूम को सदर अस्पताल लेकर आए। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उधर, उरौली गांव के राम नारायन तोमर (70) को सप्ताह भर पहले बुखार आया था। पीएचसी की दवा खाने से फायदा न होने पर वह अपना इलाज प्राइवेट करवा रहे थे। दो दिन से तबियत ज्यादा खराब थी।
सुबह अचानक तेज बुखार आया। परिजन उन्हें इलाज के लिए कहीं लेकर जाते उससे पहले दम निकल गया। इस गांव में मौजूदा समय में हर दूसरी तीसरी चौखट पर बुखार पीड़ित मौजूद हैं। बुद्धराज, कर्षण, दिनेश कुमार, राम बहादुर, कुलदीप कुमार, हर्षित, रेनू, मुकेश समेत करीब 50 लोग बीमार चल रहे हैं। गांव के महेश कुमार, रामराज, जानकी व माया का कहना है कि महीने भर पहले जब बीमारी फैली थी तब असोथर अस्पताल के डॉक्टर टीम लेकर आए थे।
अगर यह टीम लगातार कुछ दिन गांव आकर इलाज करती तो दोबारा यह नौबत न आती। इधर, असोथर पीएचसी के एमओआईसी डॉ. पवन वाजपेयी ने बताया कि हालात सामान्य हो गए थे। ग्रामीणों से दोबारा बीमारी फैलने की जानकारी नहीं मिली। शनिवार को स्थिति पता की जाएगी।