बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के मंडराव के घनवाखेड़ा निवासी बैजनाथ सविता(45) बुधवार शाम को खेत का हाल देखने गए थे। तैयार फसल में पानी भरा होने के कारण बर्बाद देखकर खेत पर ही गिर पड़े। उनके बेटे नीरज सिंह ने बताया कि उनके पिता के नाम पर दो बीघा खेत हैं। वे बटाई पर खेत लेकर फसल उगाते थे। धान की फसल कुछ दिनों पहले तैयार हो गई थी।
अब उसकी कटाई का इंतजार था। कटाई से पहले ही बरसात हो गई। जिससे काफी नुकसान हो गया। इसके सदमे में ही पिता की मौत हुई है। उनके अलावा घर में कोई कमाने वाला नहीं है। उसकी मां गीता देवी और छोटे भाई अंकित का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। पीएम सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। बिसरा सुरक्षित किया गया है।
बोले जिम्मेदार
एसडीएम सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पिछले साल सरकार की ओर फसल बर्बादी के सदमे से मरने वाले किसानों के लिए योजना चलाई गई थी। फिलहाल योजना बंद है। राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के तहत पात्र होने पर तीस हजार रुपये का लाभ मिलेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई दुर्घटना