सहकारी समितियों में खाद पहुंचने लगी है। इसमें प्रत्येक समिति में दो-दो ट्रक यूरिया खाद का वितरण किया जाना है। प्रथम चरण में 70 साधन सहकारी समितियों में एक-एक ट्रक (तीन सौ बोरी) बोरी खाद भेजी गई। खाद समितियों में पहुंचते ही किसानों की लाइन लग गई, जो मात्र तीन घंटे में ही एक ट्रक खाद खत्म हो गई।
पहले खाद लेने की होड़ में किसान लड़ाई झगड़े पर आमादा रहे। इफको की 51 हजार 380 बोरी यूरिया खाद आई है, जिसको डीएम के निर्देश पर पहले शिफ्ट में साधन सहकारी समिति असोथर, टेक्सारी बुजुर्ग, बहरामपुर, सातो, हंसवा, मुरांव, करमोन, सरसई, मेवली, सीतापुर और मलवां समेत 70 समितियाें में पहले एक-एक ट्रक खाद भेजी गई, इसके बाद दूसरे शिफ्ट में सभी समितियों को दोबारा खाद भेजी जा रही है। दो दिन से लगातार समितियों में खाद पहुंचने के बाद भी किसानों की भीड़ कम नहीं हो रही है।
सीतापुर सहकारी समिति में किसानों की अधिक भीड़ देखकर सचिव राजेंद्र सिंह ने गेट बंद कराकर टोकन टोकेन देकर लाइन से किसानों को खाद वितरित कराई, जो दोपहर एक बजे से तीन बजे तक में पूरी खाद खत्म हो गई। इसी प्रकार असोथर साधन सहकारी समिति में पहले खाद लेने के चक्कर में कई किसान आपस में भिड़ गए।
‘डीएम के निर्देशानुसार सभी समितियों को दो-दो ट्रक यूरिया खाद भेजी गई। पहले ट्रिप में तीन सौ बोरी के बाद दूसरे चक्कर की खाद भेजी जा रही है। दो ट्रक यूरिया खाद समितियों में जाने से किल्लत खत्म हो जाएगी।’ - रामशंकर, पीसीएफ जिला प्रबंधक