महत्मागांधी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अलमारी उठाते बच्चे। संवाद
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फतेहपुर। सोमवार को 45 दिन बाद कक्षा एक से आठ तक के स्कूल खुल गए। पहले दिन बच्चों की उपस्थिति बहुत कम रही। सरकारी स्कूलों में आए थोड़े बहुत बच्चे स्कूलों की व्यवस्था सुधारने में जुटे रहे। मतदान का प्रशिक्षण शुरू होने के कारण शिक्षकों का भी टोटा रहा।
कोरोना के चलते 31 दिसंबर से बंद कक्षा एक से आठ तक के स्कूल सोमवार को खुल गए। पहले दिन गंदगी के पटे स्कूलों की साफ सफाई में बीता। बच्चों से लेकर शिक्षक तक स्कूलों की व्यवस्थाएं सुधारने में जुटे रहे।
निजी स्कूलों में तो मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था रही, लेकिन परिषदीय स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल का कतई पालन नहीं दिखा। बड़े पैमाने पर बच्चे खुद ही अपना स्कूल साफ करते देखे गए।
बिना मास्क लगाए बच्चे एक दूसरे के समीप बैठकर पढ़ते रहे। बीएसए संजय कुशवाहा का कहना है कि पहला दिन होने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम थी। शिक्षकों को भी मतदान प्रशिक्षण में जाना पड़ा। ऐसे में व्यवस्थाएं कुछ गड़बड़ रहीं। एक दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।