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बेटा बोला, हम न मरवाते वो हमें मार डालते

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पुलिस हिरासत में हत्यारोपी। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के लाला लोधी हत्याकांड का रविवार को एसपी ने खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हत्याकांड में पुलिस ने लाला के बेटे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
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हत्या की वजह संपत्ति में एक महिला को हिस्सा देने की बात सामने आई है। यह विवाद परिवार में इतना तनाव बढ़ चुका था कि किसी न किसी की जान जाना तय हो चुका था।
आरोपी बेटा बोला, कि पिता पहले से खूंखार था। वह किस समय हथियार उठा लेता और उन्हें मार देता। इसी वजह से उसने ही पिता को मरवा दिया।
दिमंगतपुर गांव के लाला लोधी की पांच दिसंबर की रात दरवाजे पर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में पुलिस ने लाला लोधी के पुत्र इंदल, साले कामता निवासी छीमी कोतवाली खागा और साढू मान सिंह निवासी आलमपुर गेरिया और अबरार निवासी देवदासीपुर थाना खखरेरू को गिरफ्तार किया है।
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थरियांव के हासिमपुर भेदपुर निवासी रामजीत उर्फ बच्चा फरार है। आरोपियों के पास से दो तमंचे, चार मोबाइल, सुपारी की एडवांस रकम सात हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं।
पुलिस लाइन में एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि लाला लोधी के परिवार की एक महिला अवैध संबंध थे। लाला ट्रैक्टर और कुछ संपत्ति उसी महिला को देना चाहता था। इस बात को लेकर परिवार में तनाव था। इस पर पंचायत भी हुई थी।
लाला ने महिला को साथ रखने की बात भी कही थी। लाला का इंदल इकलौता पुत्र है। संपत्ति का बटवारा उसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। उसने अपने मौसा मान सिंह और मामा कामता से संपर्क किया।
मान सिंह ने एक लाख रुपये में अबरार को सुपारी दिला दी। बतौर बयाना सात हजार रुपये दिलाए। पांच दिसंबर की रात कामता बाइक से अबरार और उसके साथ रामजीत को लेकर पहुंचा।
अबरार और रामजीत ने लाला की गोली मारकर हत्या कर दी और भाग निकले थे। एसपी ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
नामजद आरोपियों को मिली चैन की सांस
हत्याकांड के बाद बड़े ही शातिर तरीके से इंदल ने गांव के घूरे लोधी और श्रवण लोधी उर्फ टोपी को नामजद किया था। यह लोग लाला के साथ रहने वाली महिला के परिवार के सदस्य हैं। इनसे लाला का धनतेरस को विवाद हुआ था।
दोनों ने लाला को मारने की धमकी दी थी। दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया था। वह दोनों खुद को बेगुनाह भी साबित नहीं कर पा रहे थे। इंदल स्वभाव से काफी सीधा है। जबकि लाला गुंडा किस्म का था।
गांव के लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ इंदल ने ही पिता की हत्या के लिए साजिश रची होगी। साजिश में एक फोन काल के चक्कर में इंदल फंस गया।
हत्या के बाद आरोपियों के भागने की लोकेशन के चक्कर में इंदल ने फोन किया था। उसी फोन कॉल ने नामजद आरोपियों को बचा लिया। पुलिस ने शनिवार शाम घूरे और श्रवण को छोड़ा तो उनके परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।
खखरेरू थाने का मान सिंह हिस्ट्रीशीटर
साढ़ू की हत्या में साजिशकर्ता मान सिंह खखरेरू थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ कई संगीन धाराओं के मुकदमे दर्ज हैं। कानपुर तक उस पर मुकदमे हैं। देवदासीपुर का अबरार चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।
अबरार कुछ दिन पहले छूटकर आया था। एसपी ने बताया कि अबरार को रुपयों की जरूरत थी। उस पर कर्ज भी है। इसलिए मान सिंह से अबरार ने लाला की हत्या की सुपारी ली थी। मृतक लाला लोधी पर कई मुकदमे थे। लाला पर थरियांव थाने और रायबरेली जिले में लूट के मुकदमे थे।
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