फतेहपुर। जिला मुख्यालय में खुदी पड़ी हर सड़क को लेकर डीएम अब ऐक्शन मोड में हैं। बिना आपसी तकनीकी सामंजस्य और प्रशासन को सूचना दिए विभागों ने अपने टेंडर खोले और जिसका जहां मन आया, वहां खोदाई शुरू कर दी।
अब आलम ये हो गया कि जिस ओर चले जाओ निर्माण कार्य जारी है लेकिन पूरा कहीं पर नहीं है। हालात यह बन गए हैं कि चुनाव नजदीक है और अगर किसी वीआईपी का शहर आगमन हो जाए तो रास्ते का विकल्प सोचना पड़ता है।
इन हालातों से नाराज जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने सभी कार्यदायी संस्थाओं और तकनीकी विभागों के अधिकारियों को एनजीटी के नियम-कायदों का पाठ पढ़ाया है। डीएम ने सभी को नोटिस देते हुए काम करने का तौर-तरीका बताया है।
नई व्यवस्था के तहत अब लोक निर्माण, आरईएस, पीएमजेएसवाई, नगर निकाय और एनएनएचएआई समेत अन्य कार्यदायी संस्थाओं को डीएम ने नोटिस दिया है।
जिसमें कहा गया है कि यदि कोई भी सड़क निर्माण से संबंधित काम शुरू करता है तो उसे काम शुरू कराने से कम से कम एक सप्ताह पहले जिला प्रशासन को सूचित करना होगा।
इतना ही नहीं संबंधित विभाग अथवा कार्यदायी संस्था को अब एनजीटी के नियमों का पालन भी करना होगा। जिसके तहत निर्माण क्षेत्र में संकेतक बोर्ड लगाने, पेड़ों को न काटने, धूल से लोगों को दिक्कत न हो यह सुनिश्चित करने जैसे नियमों का सौ फीसदी पालन करना होगा।
विभागों को यातायात व्यवस्था को लेकर भी सामंजस्य स्थापित करना होगा और एक सप्ताह पूर्व दी जाने वाली सूचना में उन्हें इस बात को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि जब निर्माण के दौरान रास्ता बाधित रहेगा तो उस मार्ग के यातायात के लिए दूसरा विकल्प क्या होगा। इन सभी बिंदुओं को सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने सभी विभागों और संस्थाओं को निर्देश दिए हैं।
अब सभी निर्माण कराने वाली संस्थाओं को एनजीटी के नियमों का पालन करना होगा। निर्माण शुरू कराने से पहले जिला प्रशासन को कम से कम एक सप्ताह पूर्व सूचना देनी होगी।
यह कदम आमजन की सहूलियतों और यातायात व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालित होते रहने के लिए उद्देश्य से उठाया गया है। नियमों का पालन न करने वाले विभाग के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और संबंधित ठेकेदार को भी इसका खामियाजा भुगतना होगा। - अपूर्वा दुबे, जिलाधिकारी।
पीरनपुर की निर्माणाधीन पुलिया के पास टूटी सड़क। संवाद- फोटो : FATEHPUR