जाफरगंज। खोटिला गांव के प्राचीन मंदिर से राधा-कृष्ण की मूर्तियां चोरी हुए 48 घंटे बीत गए हैं लेकिन पुलिस को अभी तक चोरों का सुराग नहीं मिला है।
इधर ग्रामीणों के सामने चोरी करना कबूलने वाले संदिग्ध ने भी पुलिस को खूब छकाया है। पुलिस ने संदिग्ध से कई मोबाइल नंबर हासिल किए हैं। उसकी निशानदेही पर शातिरों की धरपकड़ भी की है।
खोटिला गांव निवासी सुभाकर सिंह के घर के पीछे हिस्से में बने मंदिर के ठाकुरद्वारे में राधा-कृष्ण की प्राचीन मूर्तियां रखी थी।
ये कई दशक पुरानी और अष्टधातु की मूर्तियां थीं। इन मूर्तियों की चोरी मंगलवार रात हो गई। बुधवार सुबह पता लगाने पर पुलिस मौके पर पहुंची, तो ग्रामीण एक संदिग्ध को पकड़ लिया।
वह 4 फरवरी को जेल से छूटा था। पुलिस की पूछताछ में संदिग्ध ने खोटिला गांव के अपने साथी के साथ मूर्तियां चोरी करने की बात कबूल की थी।
उसका साथी 6 फरवरी को जेल से बाहर निकला था। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई, लेकिन उसका भी कोई पता नहीं लगा। उसका परिवार करीब 15 साल से बारातशाला में रहता है।
पुलिस के पहुंचने पर उसका परिवार गायब मिला। उधर, ग्रामीणों के सौंपे संदिग्ध ने करीब 5 लोगों के नाम बताए। पुलिस ने उनकी धरपकड़ की।
उनका मूर्ति चोरी से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं मिला। पुलिस को कई मोबाइल नंबर भी संदिग्ध ने बताए लेकिन मोबाइल नंबरों पर कोई संपर्क नहीं हो सका।
थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि संदिग्ध की निशानदेही पर कई जगहों पर छापामारी की गई है, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।