बहुआ। जानलेवा हमले में घायल अरविंद निषाद की शनिवार रात कानपुर हैलट ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। परिजन रास्ते से लौट आए और शव जिला अस्पताल की मार्च्युरी में रखवाया है।
उधर, पुलिस आरोपी की तलाश पूरी रात जंगल में करती रही लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। गांव में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। सीओ डीसी मिश्रा ने रविवार दोपहर घटनास्थल की जांच पड़ताल की है।
ललौली थाना क्षेत्र के बगेरन डेरा निवासी अरविंद निषाद उर्फ बर्रा (48) को शनिवार दोपहर पड़ोसी मित्र संतोष निषाद अपने घर बुला ले गया था। जहां दोनों ने बैठकर शराब पी थी।
शाम करीब सात बजे उनके बीच नशेबाजी में रुपयों के लेनदेन पर विवाद हो गया। इस पर संतोष ने हंसिया से अरविंद पर कई वार किए। इसके बाद उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग निकला था।
जिला अस्पताल से रात करीब दस बजे अरविंद को कानपुर हैलट के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर कानपुर आ रहे थे लेकिन रास्ते में ही अरविंद की सांसे थम गई।
उधर, अरविंद की मुत्तौर गांव की रहने वाली बहन केशर कली की तहरीर पर पुलिस ने संतोष के खिलाफ प्राणघातक हमले की रिपोर्ट दर्ज की।
अरविंद की मौत से उसकी मां शांति, पिता रंजीत, पत्नी माया और बेटी सरस्वती (15), शिवा (12), शुभम (8) का भी हाल बेहाल दिखा। प्रभारी निरीक्षक अमित मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा तरमीम किया जाएगा।
फतेहपुर। बगेरन डेरा गांव में किसी ने भी जरा सी सतर्कता बरती होती तो शायद अरविंद निषाद की जान बच जाती। बेलगाम संतोष के आड़े कोई नहीं आना चाहता था। जिसके चलते ही वारदात होना माना जा रहा है।
संतोष निषाद को परिवार और गांव के लोग सिरफिरा मानने लगे थे। वह किससे और कब विवाद कर बैठे कोई भरोसा नहीं था। आरोपी ने शनिवार दोपहर करीब तीन बजे पिता भैया लाल और मां तुरंती देवी को बेरहमी से पीटा था।
इस खबर को सुनकर संतोष की बहन रानी पहुंची थी। संतोष ने बहन रानी से भी विवाद किया था। जिसके बाद रानी मां और पिता को लेकर अपनी ससुराल छींट का पुरवा चली गई थी।
पुलिस का मानना है कि आरोपी ने मां और पिता के साथ मारपीट की थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई होती तो अरविंद की जान बच जाती। वहीं संतोष के हमले के बाद अरविंद जान बचाकर भागा था।
अरविंद भागकर संतोष के दरवाजे तक आ गया था। यह नजारा भी कुछ लोगों ने देखा था, लेकिन कोई बीच-बचाव को नहीं पहुंचा था। हत्यारोपी की हरकतों के चलते ही उसकी पत्नी सुनीता अपनी दो बेटियां को लेकर मायके चली गई थी। संतोष का चाल चलन भी ठीक नहीं था।
अरविंद निषाद की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : FATEHPUR