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पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की थी देवराज की हत्या

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पुलिस हिरासत में हत्यारोपी पत्नी, प्रेमी व दोस्त। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। गाजीपुर थानाक्षेत्र में देवराज हत्याकांड का सोमवार को पुलिस ने खुलासा किया। हत्याकांड में मृतक की पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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आरोपियों की निशानदेही पर आलाकत्ल चापड़ और लोहे की सबरी बरामद की गई है। आरोपी के खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं। हत्या मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर की थी।
औगासी रोड निवासी देवराज पासवान 26 अक्तूबर की शाम नशे में घर से निकला था। उसकी पत्नी फूलमती ने 27 अक्तूबर को पति की गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई थी।
29 को पासिनडेरा के पास बाग स्थित कुएं से सिर कटा देवराज का शव मिला था। खोजबीन में कुछ दूरी पर खेत से सिर बरामद हुआ था। पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर जांच शुरू की थी।
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पुलिस लाइन में एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सर्विलांस और पुलिस की जांच के दौरान राजेंद्र उर्फ सिंटू, उमेश पासवान, मृतक देवराज की पत्नी फूलमती की हत्या में शामिल होने का पता लगा।
पुलिस ने रविवार को तीनों आरोपियों को गाजीपुर कस्बे से गिरफ्तार किया। राजेंद्र और उमेश ने फूलमती के कहने पर हत्या करना कबूल किया है। राजेंद्र ने बताया कि उसके फूलमती के साथ अवैध संबंध थे।
इसका देवराज विरोध कर फूलमती को मारता-पीटता था। देवराज के घर से निकलने के बाद उसे उमेश के जरिये बाग में बुलाया था। उमेश भी गांजे और शराब का शौकीन है।
राजेंद्र ने उमेश को शराब और गांजा देकर भेजा था। नशे में देवराज के होने पर राजेंद्र सबरी और चापड़ लेकर पहुंचा था। देवराज के सिर में राजेंद्र ने सबरी से प्रहार किया।
देवराज गिर पड़ा और बेहोश हो गया। इसके बाद उमेश के साथ मिलकर देवराज की गर्दन काट दी थी। वारदात के बाद भी दोनों गांव में ही घूमते रहे।
पुलिस ने फूलमती के मोबाइल का सीडीआर चेक किया। जिसमें राजेंद्र से बातचीत का खुलासा हुआ। एसपी ने बताया कि खुलासा करने वाले टीम को 10 हजार का नगद पुरस्कार दिया।
वादी ही बनी मुल्जिम
पति की गुमशुदगी और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली फूलमती ही कत्ल में साजिश रचने की मुल्जिम बनी है। पुलिस के मुताबिक राजेंद्र और फूलमती के चार साल से अवैध संबंध थे।
दोनों अक्सर देवराज की मार डालने की योजना बनाते रहते थे। पुलिस को पत्नी पर घटनास्थल से ही शक गहराया था। उसने पहले पति का शव पहचानने से इंकार किया था। जबकि ग्रामीणों और मां देवराज की पहचान की थी। जिसके बाद फूलमती ने भी शव पति का होना माना था।
नशेबाजी में हत्यारोपी बना उमेश
उमेश नशे का लती है। उसे शराब और गांजा पीने की आदत है। पहले उमेश को भी देवराज की हत्या करने की जानकारी नहीं थी। राजेंद्र ने नशे की सामग्री देकर उमेश को देवराज के पास भेजा था। बाग में साथ लेकर आने को बोला था। नशे में होने के बाद उमेश ने भी राजेंद्र का हत्या में सहयोग किया।
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