खागा। व्यापारियों को जीएसटी से जोड़ने और उससे होने वाले फायदे बताने के लिए सोमवार को कस्बे में सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें व्यापारियों से जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर बी.के. यादव ने व्यापारियों से बातचीत की। व्यापारियों ने जीएसटी में आ रहीं दिक्कतों को लेकर सवाल उठाए, जिनके उन्हें वाजिब जवाब नहीं मिल सके।
किशनपुर रोड में तहसील परिसर के सामने जीएसटी अधिकारियों ने जनसंपर्क अभियान के तहत सेमिनार में प्रयागराज से आए जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर ने व्यापारियों को बताया कि आप जैसे ही जीएसटी पंजीयन कराते हैं, आपको पूरे देश में व्यापार करने का अधिकार मिल जाता है।
कहीं से भी माल खरीदने का रास्ता खुल जाता है और इतना ही नहीं कई सुविधाएं जो आपको मिलना शुरू हो जाती हैं। व्यापारी अपनी समस्या के लिए व्यापारी कल्याण बोर्ड में अपील करने का अधिकारी हो जाता है।
इसके साथ ही उसका 10 लाख रुपये का बीमा हो जाता है। जिसका प्रीमियम उसे नहीं भरना होता है। व्यापारी के साथ किसी प्रकार का हादसा होने पर यह लाभ उसके परिवार को मिलता है। हादसों में दिव्यांगता आने पर भी इसका लाभ दिया जाता है। प्रदेश का 52 फीसदी राजस्व जीएसटी से आता है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी का बीमा होने के साथ ही अगर वह अपने प्रतिष्ठान में काम करने वाले व्यक्ति का पंजीयन श्रम पोर्टल पर करा देते हैं तो काम करने वाला व्यक्ति भी दो लाख रुपये बीमा का हकदार हो जाता है।
उन्होंने जीएसटी के व्यापक रूप व उससे होने वाले छोटे-बडे़ फायदे भी बताए। इस मौके पर फतेहपुर जीएसटी विभाग से सहायक कमिश्नर रामेश्वर त्रिपाठी, वाणिज्य कर अधिकारी गीता वर्मा, अभय मल्होत्रा, जीएसटी अधिवक्ता संजीव अग्रवाल, सेल टैैक्स निरीक्षक राघवेंद्र प्रताप सिंह व व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष शिवचंद्र शुक्ला, महिला अध्यक्ष माया शिवहरे, शोभा अग्रवाल और मनोज शुक्ला व्यापारी मौजूद रहे।
तिमाही जीएसटी तो प्रति माह सेल टैक्स कैसे
व्यापारी विजय अग्रहरि ने पूछा कि उन्हें बताया गया कि डेढ़ करोड़ से पांच करोड़ टर्नओवर के बीच रहने वाले व्यापारी अब तीन महीने में अपना जीएसटी रिटर्न भर सकते हैं। उन्हें हर महीने बस टैक्स देना होगा। जबकि वह अपनी खरीद व बिक्री का हिसाब पोर्टल पर अपलोड करते हैं तो उन्हें टैैक्स की जानकारी होती है, ऐसे में वह तीन महीने में जीएसटी व हर महीने टैक्स की बात नहीं समझ पा रहे हैं। जब हर महीने टैक्स देना है तो लगे हाथ वह जीएसटी भी दे सकते हैं। तीन महीने में जीएसटी व हर महीने टैक्स यह भ्रम की स्थिति है।
किस पार्टनर को मिलेगा लाभ
डा.अजय गुप्ता ने पूछा कि अगर कोई ऐसी फर्म हैं जिसमें कई पार्टनर हैं। उसका जीएसटी पंजीयन होता है, तो दुर्घटना बीमा का लाभ क्या सभी पार्टनरों को मिलेगा या किसी एक पार्टनर को। इस सवाल के जवाब को लेकर अफसर स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि सभी पार्टनर को लाभ देने की जगह एक या दो लोगों को लाभ दिया जा सकता है। इसके लिए विभागीय नियम देखने होंगे।
न्यूनतम जीएसटी स्लैब की शुरूआत क्या है
व्यापार मंडल की महिला अध्यक्ष माया शिवहरे ने पूछा कि छोटे-छोटे व्यापारियों को क्या जीएसटी पंजीयन की जरूरत पड़ती है। इसका नियम क्या हैं। जिस पर उन्हें बताया कि गया कि वर्तमान में 20 लाख रुपये सालाना टर्न ओवर करने वाले व्यापारी को जीएसटी पंजीयन कराने के निर्देश हैं।