फतेहपुर। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने शुक्रवार को जीटी रोड के एक होटल में एग्री क्लीनिक और एग्री बिजनेस केंद्र योजना पर कार्यशाला आयोजित की। जिसमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर अभ्यार्थियों को कृषि संबंधी उद्यम स्थापित कराने के लिए योजनाएं बताई।
नाबार्ड जिला प्रबंधक प्रसून चंद्रा ने कहा कि कृषि संबंधी उद्यम स्थापना में परियोजना लागत 20 लाख रुपये तक है। सामान्य श्रेणी के लिए 36 प्रतिशत और महिलाओं, अनुसूचित जाति के लिए 44 प्रतिशत अनुुदान दिया जाएगा।
अगर पांच उद्यमी मिलकर परियोजना स्थापित करना चाहते हैं, तो एक करोड़ रुपये तक की परियोजना में निर्धारित श्रेणी के अनुसार अनुदान मिलेगा। इसके लिए आवेदनकर्ताओं की आयु 18 से 60 साल होनी चाहिए।
योजना में पांच लाख रुपये तक का ऋण लेने में कोई मार्जिन मनी नहीं है, साथ ही न कोई जमानत की जरूरत है। बीओबी के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके श्रीवास्तव ने कहा कि कृषि स्नातक व स्नाकोत्तर बीज, उर्वरक व पेस्टीसाइड की दुकान, कृषि यंत्र निर्माण, फार्म मशीनरी की बिक्री, बीज विधायन संयंत्र, बायो फर्टिलाइजर, बायो पेस्टी साइड, बायो कंट्रोल एजेंट, नर्सरी प्रबंधन, टिश्यू कल्चर, मुर्गी और मछली पालन जैसे रोजगार से जोड़ने के लिए बैंक से ऋण लेकर व्यवसाय संचालित कर सकते हैं।
कार्यशाला में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार झा, प्रज्ञा ग्रामोत्थान सेवा समिति के सचिव उमेेश चंद्र शुक्ला, संतोष मिश्र और मान सिंह मौजूद रहे।