चौडगरा। चौडगरा-बकेवर मार्ग पर कोचिंग से घर लौट रही हाईस्कूल की छात्रा को गुरुवार सुबह ट्रक ने टक्कर मार दी। छात्रा साइकिल समेत ट्रक के नीचे फंस गई। चालक छात्रा को करीब 10 मीटर तक घसीटता ले गया।
हादसे में छात्रा का शव क्षत-विक्षत हो गया। ग्रामीणों ने ट्रक में पथराव किया और चालक को पीटा। इस दौरान करीब दो घंटे तक बवाल चलता रहा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छात्रा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कल्यानपुर थाने के हरदौरपुर गांव निवासी सुरेंद्र सिंह गौर उर्फ बंटू की पुत्री पारुल सिंह (15) बिंदकी सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा 10 की छात्रा थी। गुरुवार को वह चौडगरा बकेवर रोड स्थित कोचिंग से पढ़कर सुबह सात बजे साइकिल से घर लौट रही थी।
रोड पार करते समय चौडगरा से बकेवर की ओर जा रहे ट्रक की चपेट में आ गई। ट्रक में छात्रा का बैग और साइकिल भी फंस गई। चालक 10 मीटर तक उसे घसीटता चला गया। इसके बाद बीच रोड पर ट्रक छोड़कर चालक भाग निकला।
हादसा देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण पहुंचे। कोचिंग की दूसरी छात्राओं के जरिये परिजनों को खबर दी गई। हरदौरपुर गांव से सैकड़ों ग्रामीण हादसास्थल पहुंचे। चालक की तलाश चालू की। चालक कुछ दूरी पर छिपा था।
उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई की। इस बीच कुछ लोगों ने ट्रक पर पथराव किया। थानाध्यक्ष और चौकी इंचार्ज अर्जुन सिंह घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने समझाकर ग्रामीणों को शांत किया।
कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक में फंसे शव को बाहर निकाला जा सका। इस दौरान सड़क पर जाम लगा रहा। करीब नौ बजे यातायात बहाल हो सका। थानाध्यक्ष अनुरुद्घ द्विवेदी ने बताया कि चालक को हिरासत में लिया गया है। ट्रक भी खड़ा कराया गया है। हादसे की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ट्रक में फंसे शव को निकालने में डेढ़ घंटे लगे
चौडगरा। ट्रक में फंसे शव को निकालने में पुलिस और ग्रामीणों को करीब डेढ़ घंटे लग गए। इस दौरान दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। शव निकाले जाने के बाद रोड से ट्रक को हटाया गया। जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के चौडगरा-बकेवर हाईवे मार्ग पर अक्सर हादसे होते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छात्रा रोड पार कर रही थी। वह चौडगरा की ओर से आ रहे ट्रक को नहीं देख सकी और ट्रक की चपेट में आ गई।
हादसे के बाद ट्रक के पीछे वाले टायरों के बीच एक्सल में छात्रा की साइकिल फंस गई। इस वजह से छात्रा का शव निकालने में करीब डेढ़ घंटे लग गए। जो भी शव को देखता उसकी जुबां से दर्दनाक मौत होने का शब्द निकलता।
शव निकाले जाने के बाद पुलिस ने ट्रक को किनारे खड़ा कराया। जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। मार्ग पर एक ओर बकेवर पुल तक करीब पांच किलोमीटर तक जाम लगा। दूसरी ओर चौडगरा-फतेहपुर और चौडगरा-कानपुर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगी।
परिवार का इकलौती बेटी थी छात्रा
पारुल किसान पिता सुरेंद्र सिंह गौर और मां रूचि सिंह की इकलौती संतान थी। पिता और मां, बेटी की मौत की खबर से बदहवास हो गए। पिता और मां बेटी को पढ़ाकर होनहार बनाना चाहते थे। उनके सारे अरमान हादसे ने छीन लिए। परिवार में चीत्कारें गूंजती रही।
रोक के बाद भी खुली थी कोचिंग
बढ़ते कोरोना संक्रमण व ठंड को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी स्कूलों व कोचिंग संस्थानों को 16 जनवरी तक के लिए बंद कर रखा है। इसके बाद भी छात्रा कोचिंग पढ़ने गई थी। लोगों की माने तो स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते ये कोचिंग संस्थान संचालित होते रहते हैं।
घटना स्थल पर पड़ी मृतक पारुल की छतिग्रस्त साइकिल। संवाद- फोटो : FATEHPUR
पारुल की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : FATEHPUR
घटना स्थल में ट्रक के पहियों की नीचे से पारुल का शव निकालते ग्रामीण। संवाद- फोटो : FATEHPUR