हथगाम (फतेहपुर)। आशनाई के शक में बटाईदार ने अपने बेटों व अन्य के साथ मिलकर खेत मालिक की रविवार रात कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बटाईदार और उसके दो पुत्रों समेत छह पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने संकलित किए हैं।
हथगाम थानाक्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी गणेश प्रसाद मोदनवाल (62) मिठाई के दुकानदार थे। वह अक्सर दुकान बंद करने के बाद रात में खेत की देखभाल करने के लिए जाते थे।
रविवार को भी गणेश खेत से रात 10 बजे तक घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। उनका बड़ा पुत्र बद्री प्रसाद उर्फ भैयालाल पिता की खोज करते हुए खेत पहुंचा। जहां रामऔतार के ट्यूबवेल के पास पिता का रक्त रंजित शव पड़ा था। चक रोड पर साइकिल, जलती टार्च और चप्पल पड़ी थी।
सूचना पर थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर एक अंगोछा, एक जूता हत्यारोपी का पड़ा था। पुलिस ने बटाईदार राम प्यारे लोधी को उसके ट्यूबवेल से पकड़ लिया।
उसके कपड़ों में खून लगा था। ट्यूबवेल के अंदर से रामप्यारे का दूसरा जूता मिला। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी रामप्यारे की चारपाई के नीचे से बरामद कर उसे हिरासत में ले लिया। भैयालाल ने राम प्यारे और उसके दो बेटे राकेश और धर्मेंद्र समेत तीन अज्ञात के खिलाफ पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
थानाध्यक्ष अश्वनी कुमार सिंह ने बताया करीब 20 साल से खेत बटाईदार राम प्यारे लोधी ने ले रखे थे। उसने कबूल किया कि खेत मालिक उसके परिवार की एक महिला से छेड़खानी करता था। इस खुन्नस में हत्या की है। सूचना प र एएसपी राजेश कुमार और सीओ अनिल कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की।
फोन आने के बाद गणेश पहुंचा था खेत
भैया लाल ने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे पिता के फोन पर एक कॉल आई और पिता खेत के लिए चले गए थे। उसके पिता को बहाने से राम प्यारे के किसी बेटे के नंबर से फोन आया था। साजिश रचकर पिता को मारने के लिए फोन करके उन्हें बुलाया था।
राज्यमंत्री गणेश की दुकान में आते-जाते
राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह का शाहीपुर गांव स्थित मृतक गणेश की दुकान में आना-जाना रहता था। मृतक के बेटे रामविशाल ने बताया कि दो माह पहले भी उनकी दुुकान में पिता के पास राज्यमंत्री आए थे। पिता भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में भी काम करते थे।
रात में शव चीर घर भेजने पर परिजन हुए नाराज
पुलिस रात होने के कारण शव को थाने ले आई और परिजनों को घर भेज दिया था। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि उनके साथ शव को सुबह भेजा जाएगा। परिजन सुबह थाने पहुंचे। थाने में शव नहीं था। पुलिस ने रात में ही शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था। थाने में सुबह मृतक के बेटों भैया लाल, रामविशाल, दुर्गेश, उमेश ने हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत किया।
सिर पर किए कई वार
खेत मालिक की आरोपियों ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या की है। आरोपियों ने सिर पर कई वार किए।
हत्यारोपी का नलकूप। संवाद- फोटो : FATEHPUR
गणेश प्रसाद की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : FATEHPUR