फतेहपुर। तीन साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव कमरे में छिपाने के मामले में जल्द फैसला आ सकता है। हैवानियत भरी घटना को 15 अक्तूबर को अंजाम दिया गया था।
मामले में पुलिस ने डीएनए सैंपल जांच के लिए भोपाल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। जिसकी रिपोर्ट में डीएनए सैंपल मैच हुआ है। दुष्कर्म की पुष्टि के बाद मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर तय हुई है।
घटना के दिन पुलिस को मौके से सीमेन, कपड़ों से खून समेत 40 साक्ष्य मिले थे। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वर्मा ने बताया कि मामला स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में विचाराधीन है। इसमें गवाह, साक्ष्य सभी कोर्ट पहुंच गए हैं। मामले में 22 दिसंबर को फैसला आने की संभावना है।
यह था मामला
खागा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अपनी ननिहाल में रहने वाली तीन साल की बच्ची 15 अक्तूबर की दोपहर विसर्जन यात्रा देखने निकली थी। इसके बाद लापता हो गई थी। खोजबीन के बाद परिजनों ने दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को सूचना दी थी।
आशंका पर दिनेश पासवान उर्फ लंबू के दरवाजे को मोहल्ले के लोगों ने जबरन खुलवाया था। कमरे में चारपाई के पीछे बिस्तर के ढेर के नीचे बच्ची का शव बरामद हुआ था। आरोपी दिनेश मूल रूप से कौशांबी जिले के कड़ाधाम थाना दारानगर म्योहार का रहने वाला है। उसने दुष्कर्म के बाद बच्ची की मुंह दबाकर हत्या की बात कबूली थी।
घटनाक्रम और अभी तक हुई कार्रवाई पर एक नजर
-15 अक्तूबर की दोपहर 12 बजे गायब हुई बच्ची का शाम छह बजे शव बरामद।
- रात साढ़े नौ बजे बजे मुकदमा और आरोपी की गिरफ्तारी हुई।
- रात दो बजे डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया था।
- 21 अक्तूबर को विवेचक संतोष शर्मा ने चार्जशीट सीओ को सौंपी।
- 21 अक्तूबर को डीएनए जांच के लिए भोपाल की विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया।
- 26 अक्तूबर को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई।
- 27 अक्तूबर को बच्ची के मां के कोर्ट में हुए बयान।
- 29 अक्तूबर को बच्ची के नानी समेत 17 लोगों के बयान हुए।
- दो दिसंबर को डीएनए मिलान होने की रिपोर्ट आई।