जाफरगंज (फतेहपुर)। पीपा पुल से अनियंत्रित होकर यमुना में शुक्रवार रात ट्रक नहीं बल्कि धान लदी डीसीएम गिरी थी। उसके चालक का अभी तक पता नहीं चला है। जबकि फर्रुखाबाद निवासी खलासी का शव एसडीआरएफ की टीम ने खोज निकाला है।
शुक्रवार रात बांदा के जसपुरा थाना क्षेत्र स्थित गलौली गांव से पीपा पुल के रास्ते रात धान लाद कर आ रहा वाहन अनियंत्रित होकर यमुना में गिर गया था। ग्रामीणों ने ट्रक होने की आशंका जता पुलिस को सूचना दी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से ट्रक की तलाश शुरू कराई थी लेकिन उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका था। रविवार को एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और खोजबीन शुरू की।
टीम को पुल को नीचे फंसी हुई डीसीएम और उसकी नंबर प्लेट मिली। इसके साथ ही डीसीएम में फंसे एक युवक का शव भी मिला। इसके बाद पोकलैंड मशीन में तार बांधकर डीसीएम को निकालने का प्रयास हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिली।
एसडीआरएफ टीम प्रभारी राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि टीम को सर्च के दौरान पीपे पुल के नीचे फंसी डीसीएम मिली है। जिसके अंदर से एक जोड़ी चप्पल, जूते, शराब की खाली बोतल मिली है। टीम ने डीसीएम का नंबर पुलिस को दिया।
पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर डीसीएम मालिक मनोज कुमार अग्रवाल निवासी फरीदाबाद से संपर्क किया। उन्हें बांदा पुलिस ने मिले शव की फोटो भेजी।
तो डीसीएम मालिक ने उसकी पहचान खलासी साजिद (40) निवासी लाल दरवाजा थाना अमेठी जिला फर्रुखाबाद के रूप में की। उन्होंने बताया कि डीसीएम में चालक शकील (45) निवासी पठान टोला थाना गुरुसहायगंज जिला कन्नौज भी था।
इस पर एसडीआरएफ टीम काफी देर तक नदी में उसकी तलाश करती रही। हालांकि चालक का पता नहीं लगा। डीसीएम मालिक ने बताया कि अतर्रा से धान का भाड़ा लादकर चालक दिल्ली जा रहा था। जाफरगंज प्रभारी निरीक्षक सतीश कुुमार ने बताया कि मालिक के आने पर डीसीएम को बाहर निकला जाएगा।
बारा पीपे के पुल को खोलते पुल कर्मचारी। संवाद- फोटो : FATEHPUR