फतेहपुर। शहर के तांबेश्वर मंदिर के पीछे पड़ी बंजर भूमि में गुरुवार दोपहर तकरीबन दो बजे शव दफनाने को लेकर दो समुदाय में विवाद हो गया। सूचना पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, तो भूमि बंजर दर्ज मिली।
इस पर प्रशासन ने खोदी गई क्रब को भरवा दिया। इस पर एक पक्ष के लोग शव को मौके पर प्रशासन के जिम्मे छोड़कर जाने लगे। प्रशासन और पुलिस के समझाने के बाद शव को बगल के कब्रिस्तान में दफनाया गया। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक विवाद चलता रहा।
शहर के आबूनगर पठान मोहल्ला निवासी मो.नफीस मुंबई में रहकर सिलाई का काम करते थे। बीमारी के चलते बीते 19 अक्तूबर को उनका इंतकाल हो गया।
जिसके बाद उनका शव गुरुवार को पैतृक आवास शहर के आबूनगर लाया गया। यहां से उनके परिजन शव को दफनाने के लिए तांबेश्वर मंदिर के पीछे पड़ी भूमि पर लेकर पहुंचे।
मृतक के परिजनों ने बताया कि मृतक की बेटी, मां और भाईयों को जहां पहले दफनाया जा चुका था। वहीं उसे भी दफनाने के लिए लेकर गए। जैसी ही कब्र खोदी तो वहां दूसरे पक्ष के लोग पहुंच गए और रोकने लगे।
मामले की जानकारी पर एसडीएम अवधेश निगम, अपर एसडीएम प्रमोद झा, तहसीलदार गणेश सिंह, नायब तहसीलदार विकास पांडेय, सीओ सिटी संजय सिंह और कोतवाल अनूप सिंह पूरी फोर्स के पहुंच गए।
प्रशासन ने बताया कि जिस जमीन को कब्रिस्तान बताया जा रहा है, वो खतौनी में बंजर दर्ज है। इस बीच एक पक्ष ने खोदी कब्र को पूर दिया। इस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कराने से ही मना कर दिया और शव छोड़कर जाने लगे।
तकरीबन डेढ़ घंटे तक चली गहमा-गहमी के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया गया और प्रशासन ने बगल में बने दूसरे कब्रिस्तान में शव को दफन करवाया।
मामला शांत हो जाने के बाद ही पुलिस और प्रशासन वहां से हटा। इस पूरे प्रकरण में एसडीएम सदर अवधेश निगम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों के मुताबिक जिस जमीन को कब्रिस्तान बताया जा रहा था। वह बंजर खाते में दर्ज है। शव को वहीं दफन करवाया गया, जहां कब्रिस्तान है।
सीओ सिटी संजय सिंह व शव दफनाने आए लोगों से होती नोकझोंक। संवाद- फोटो : FATEHPUR
शव दफन करने के लिए खोदी गई कब्र को पूरते लोग। संवाद- फोटो : FATEHPUR