फतेहपुर। गलन भरी हवा ने रविवार को कंपकंपी और बढ़ा दी। आलम ये रहा कि लोग घरों में भी कांपते रहे। यह स्थिति दिन भर बनी रही। भगवान भाष्कर और बादलों की लुका छिपी का खेल पूरे दिन चलता रहा। शाम होते ही गलन और बढ़ गई।
सर्द हवाओं ने आम जन का जीना मुश्किल कर दिया। ठंडी हवाओं ने इस कदर कहर बरपाया कि तापमान शाम होते होते गिरता चला गया। इसके चलते लोग घरों से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा सके।
जो मजबूरी में निकले भी वे जितना जल्दी हुआ घर की ओर भागे। आसमान में बादल बार-बार आते रहे। इस वजह से भगवान भाष्कर और बादलों के बीच लुका छुपी का खेल चलता रहा।
ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को हुई। रोजाना कमाने खाने वाले लोगों को ठंड की वजह से काफी समस्या का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर यात्रियों को ठिठुरते देखा गया।
सार्वजनिक स्थानों पर प्रशासन ने अलाव जरूर जलवाए हैं, लेकिन यह भी नाकाफी रहे। प्रतिकूल मौसम के चलते परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। पैसेंजर से लेकर एक्सप्रेस ट्रेनें विलंब से चलीं। कुछ यही हाल रोडवेज की बसों का भी रहा। लंबी दूरी दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ व बनारस रूट की बसें भी लेट रहीं।
हीटर की बढ़ी मांगी
ठंड के तेवर देख हीटर समेत गर्मी देने वाले अन्य विद्युत उपकरणों के साथ ही लकड़ी और कोयले की मांग काफी बढ़ गई है। बाजारों में गर्म कपड़ों की दुकानों पर खरीदारों की अच्छी खासी भीड़ रही।
दो दिन से न्यूनतम पारा चार
न्यूनतम पारा चार डिग्री होने के कारण दिन में ठिठुरन बढ़ी है। दोपहर को निकलने वाली धूप भी बेअसर हो रही है। यह हालात पिछले दो दिनों से हैं। ऐसे में शाम होते ही गलन बढ़ जाती है।
झुलसा व माहू कीट से किसान बचाएं फसल
रबी की फसलों में रोग लगने के आसार बढ़ गए हैं। आलू में झुलसा रोग के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। राई, सरसों की फसलों में माहू कीट लगने लगा है। इसके लिए किसानों को पहले से बचाव करना चाहिए और कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर छिड़काव करा दें।