फतेहपुर। ऑनलाइन पंजीकरण में जिन किसानों के धान बेचने की लिमिट 100 क्विंटल तक है। अब उनको खतौनी सत्यापन की जरूरत नहीं है। टोकन की तारीख में अपने धान को सीधे तौल करा सकेंगे। अभी तक बिना सत्यापन के 50 क्विंटल ही धान बेचने का नियम था।
जिले में एक नवंबर से सरकारी क्रय केंद्र खोले जाएंगे। जहां पंजीकृत किसानों से धान की खरीद होगी। शुरुआत में शासन की गाइड लाइन में जिन किसानों ने 50 क्विंटल तक धान बेचने का पंजीकरण कराया था।
उनकी बिना सत्यापन के तौल कराई जानी थी। हफ्ते में चार दिन 50 क्विंटल तक वाले ही किसानों के धान की तौल होनी थी। अब शासन की नई गाइड लाइन में सत्यापन की लिमिट 50 क्विंटल से बढ़ा कर 100 क्विंटल कर दी गई है, लेकिन हफ्ते में सोमवार से गुरुवार तक एक किसान का 50 क्विंटल ही धान तौला जाएगा।
शुक्रवार व शनिवार को 50 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले किसान तौल करा सकेंगे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि धान खरीद में पंजीकरण के बाद सत्यापन में बदलाव किया गया है।
जिन किसानों का 100 क्विंटल तक धान है, वह अपना टोकन जारी करा लें। टोकन की तारीख में ही धान की तौल कराई जाएगी। टोकन भी ऑनलाइन जारी किया जाएगा। बिना टोकन के किसान धान नहीं बेच पाएंगे।
जिलाधिकारी के आदेश को भी नहीं दी तवज्जो
फतेहपुर। किसानों का धान खरीदने के लिए जिले में 73 क्रय केंद्र बनाए जाने हैं। जिनमें 41 क्रय केंद्र बनाए जा चुके हैं। मंडी समिति और यूपीसीयू ने क्रय केंद्र बनाने का प्रस्ताव जमा नहीं किया है। जबकि 25 दिन पहले डीएम ने उन्हें प्रस्ताव देने का निर्देश दिया था। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश झा ने दोबारा दोनों संस्थाओं को प्रस्ताव के लिए पत्र भेजा है।
धान खरीद के लिए जिले में छह संस्थाओं को चयनित किया गया है। इसमें हाट शाखा के 16 क्रय केंद्र, पीसीएफ के 18, यूपीएसएस पांच, भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्र बनाए जा चुके हैं।
मंडी समिति और यूपीसीयू ने अभी तक अपने प्रस्ताव नहीं दिए हैं। जबकि 10 दिन बाद यानि एक नवंबर से जिले में धान की खरीद शुरू होगी। इसके लिए किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराकर टोकन भी लेना शुरू कर दिए हैं।
शासन से जिले केे 1.58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश झा ने कहा कि पीसीएफ के 12 क्रय केंद्र अभी और बनाए जाने हैं, जिसका प्रस्ताव मांगा गया है।
वहीं एफपीओ के क्रय केंद्र बनाने की गाइडलाइन शासन से अभी नहीं मिली है। गाइडलाइन आते ही एफपीओ के भी क्रय केंद्र बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।