हसवा। ब्लाक के रामपुर थरियांव स्थित गोशाला में बंद गोवंशों के लिए आए भूसा, दाना और श्रमिकों का पिछले तीन माह से भुगतान नहीं किया गया। यह स्थिति शनिवार को गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे पीडी महेंद्र प्रसाद चौबे को मिली।
यहां पंचायत सचिव विपिन कुमार गोशाला का रजिस्टर भी नहीं दिखा सका। इस पर पीडी ने उसके खिलाफ जांच का आदेश दिया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
पीडी से गोशाला में तैनात मजदूर कामता, रजनी, सुनीता ने बताया कि उन्हें कई महीने से भुगतान नहीं मिला है। इस पर पीडी ने पंचायत सचिव व प्रधान पति अनूप सिंह को फटकार लगाई।
प्रधान पति अनूप सिंह ने कहा कि तीन महीने से गोशाला के भूसा, दाना और मजदूरों का भुगतान नहीं किया गया है। इस पर बीडीओ गोपीनाथ पाठक का पारा हाई हो गया और प्रधान पति को गोशाला में सहयोग न करने पर ग्राम पंचायत के सभी भुगतानों पर रोक लगाने की चेतावनी दी।
तब प्रधान पति ने बराबर भुगतान किए जाने पर ही गोशाला संचालन में सहयोग करने की बात कही। भुगतान को लेकर पोल खुलती देख बीडीओ गोपीनाथ पाठक ने एडीओ पंचायत सत्यप्रकाश त्रिपाठी को भुगतान रोकने के आदेश दिए और पंचायत सचिव के खिलाफ जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
वहीं पशु चिकित्साधिकारी डॉ.अंशु पांडेय ने बताया कि 143 पशु टैगिंग युक्त व कुल 167 पशु हैं और मार्च माह से अब तक 34 पशु मर चुके हैं। उन्होंने कहा कि गोशाला में एक आइसोलेशन कक्ष होना चाहिए। ताकि बीमार व चोटहिल पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके।
नेपियर घास का नहीं हुआ भुगतान
थरियांव। डीएम अपूर्वा दुबे के निर्देश पर मवेशियों का पेट भरने के लिए नेपियर घास खरीद कर लगाई गई थी। तीन महीना बीत गए हैं, लेकिन अभी तक इसका भुगतान नहीं किया गया है। तेज बारिश में नेपियर घास भी डूबकर खराब हो गई है। बीडीओ गोपीनाथ पाठक ने कहा कि पंचायत सचिव ने गोशाला के लिए जो डिमांड भेजी थी, उसका भुगतान किया जा चुका है।