चौडगरा। मुरादीपुर चौराहे पर हाईवे किनारे बने अवैध मकान और दुकानों पर रविवार को एनएचएआई का बुलडोजर गरजा। इस दौरान 12 लोगों के मकान और दुकान गिरा दिए गए।
मुरादीपुर में हाईवे किनारे गाटा संख्या 2126 व 2080 में लगभग 12 लोगों के मकान बने थे। हाईवे चौड़ीकरण में ये सभी मकान एनएचएआई की जद में आए थे।
नियम के मुताबिक रोड के बीच सेंटर से 21 मीटर तक हाईवे की जमीन है। यह सभी मकान 21 मीटर के दायरे में बने थे। इन मकानों को खाली करने के लिए एनएचएआई ने 31 अक्तूबर को एसडीएम बिंदकी के नेतृत्व में बैठक कल्यानपुर थाने में की थी।
इसमें मकान मालिकों के साथ मकान खाली करने की सहमति बनी थी। इसके बाद भी मकान खाली नहीं हुए। ऐसे में एसडीएम अवधेश निगम एनएचएआई के अधिकारी तहसीलदार सर्वेश सिंह सहित राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाप कराई।
इसके बाद बीच रोड से 21 मीटर की परिधि में आने वाले जुल्फकार हुसैन, कृष्णकुमार, संतराम, राम आसरे सविता, दयाराम साहू, सियाराम, अनिल यादव, संजय पटेल, ननकू गुप्ता, नरेश, राजेश गुप्ता के घरों पर बुलडोजर चला कर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
कब्जेदार संजय पटेल ने बताया कि अधिकारियों ने 21 मीटर से ज्यादा तोड़ा, तो उन्होंने इसका विरोध किया, इस पर पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान कर दिया।
कब्जेदार सद्दाम हुसैन ने बताया कि 2001-02 में भूमि अधिग्रहण किया गया था लेकिन अभी तक पैसा नहीं दिया गया। इसके बावजूद एनएचएआई ने उनका मकान गिरा दिया।
कार्यदाई संस्था पीएनसी के प्रबंधक पवन सिंह ने बताया कि मकानों का जबानी बंटवारा है। कानूनी बंटवारा नहीं है। गिराए गए मकान एनएचएआई की जमीन पर बने थे।
बैठक व सूचना के बावजूद यह लोग कब्जा नहीं हटा रहे थे। कागज पर नामित लोगों का मुआवजा बनकर तैयार है। जो जल्द ही दिया जाएगा। इस बीच सेफ्टी व पेट्रोलिंग टीम के अलावा तीन थाने कल्यानपुर, मलवां, औंग का फोर्स मौके पर मौजूद रहा।