फतेहपुर। प्रबंधक के फर्जी हस्ताक्षर करके संस्था को हड़पने का प्रयास किया गया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रधानाचार्य और समिति के 21 सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
हुसैनगंज थाने के जमरावां निवासी शंकर सिंह ने बताया कि वह संकठा प्रसाद शिक्षा सदन प्रबंध समिति मवई नेशपुर के प्रबंधक हैं। आरोप है कि संस्था के बायलाज के अनुसार देखरेख और लेनदेन की कार्रवाई उनके हस्ताक्षर से की जानी चाहिए।
संस्था द्वारा संचालित विद्यालय में कल्लू सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह निवासी सीर इब्राहीमपुर प्रधानाचार्य के पद पर नियुक्त है। उन्हें विश्वास में लेकर संस्था के सारे दस्तावेज कल्लू सिंह अपने पास रखने लगे। इधर, कुछ दिनों से उनकी नीयत खराब हो गई। उन्होंने विद्यालय और उनकी संपत्ति को हड़पने की साजिश की।
बताया कि संस्था में कल्लू सिंह और उनका पुत्र राजेश कुमार व श्रीपाल, अवधेश पुराने सदस्य हैं। इन चारों ने अपने 18 साथियों महेंद्र सिंह, नीरज सिंह, ज्ञान सिंह, सुरेश सिंह, अनुपम सिंह निवासी सौराई खुर्द समसाबाद सिराथू कौशांबी, किशुन निवासी सीर इब्राहीमपुर, अर्पित कुमार सोनी, वीरेंद्र कुमार निवासी पनी सदर कोतवाली, विकास सिंह, रणधीर सिंह निवासी साई मौहार, रणवीर सिंह निवासी मदुरी, धर्मराज सिंह निवासी मखदूमपुर गाजीपुर, संतप्रकाश वर्मा निवासी रेवाड़ी बुजुर्ग, राजकुमार, हरी प्रसाद, कासिम अहमद, बृजेश सिंह निवासी सीर मवई के साथ मिलकर संस्था को हड़पने का प्रयास किया।
इन लोगों ने उनके फर्जी हस्ताक्षर करके कागजात तैयार किए और सहायक रजिस्ट्रार सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय प्रयागराज में संस्था की साधारण सभा 2021-22 के सदस्यों की फर्जी सूची प्रस्तुत की।
उन्हें जानकारी हुई तो सोसाइटी ऑफिस में आपत्ति लगाई। मामले को लेकर थाने में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर एसपी से दो नवंबर को शिकायत की। इसके बाद कोर्ट की शरण ली। थानाध्यक्ष रणधीर बहादुर सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कुल 22 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।