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हाईवे चौड़ीकरण में खत्म होगा 20 लोगों के घर और रोजगार

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हाइवे निर्माण में गिराने के लिए चिंहित मंदिर। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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औंग। कानपुर-प्रयागराज हाईवे चौड़ीकरण में कस्बे के 20 परिवारों का घर और रोजगार छिनने की कगार पर है। चौड़ीकरण में कस्बे के दो प्राचीन धार्मिक स्थलों का भी अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
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शेरशाह सूरी मार्ग (जीटी रोड) का निर्माण 1537 में तत्कालीन शासक शेरशाह सूरी ने बंगाल में कब्जा करने के उद्देश्य से कराया था। गांव के वयोवृद्ध डॉ.राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि रोड का निर्माण के पहले औंग गांव आबाद था।
कालातीत परिवर्तन से हाईवे के किनारे 25 व्यापारियों ने दुकानें खोलकर व्यापार प्रारंभ किया। इनमें हाईवे चौड़ीकरण में 20 व्यापारियों का व्यापार रोजगार घर बार संपूर्ण समाप्त हो जाएगा।
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200 साल पुराने धार्मिक स्थल टूटेंगे
कस्बे में दो सौ साल पहले संतान प्राप्ति के लिए संतों की सलाह पर भिखारी लाल अवस्थी ने हनुमान और भगवान शिव मंदिर का निर्माण कराया था। चौथी पीढ़ी में कृष्ण कुमार अवस्थी और सोनू अवस्थी ने मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे है। वहीं शिव मंदिर का रामभरोसे विश्वकर्मा ने निर्माण कराया था। यह दोनों मंदिर टूट जाएंगे।
व्यवसायिक मुआवजे को लेकर आपत्ति
कस्बे में व्यवसायिक मुआवजे को लेकर कानपुर कमिश्नरी में आपत्ति दर्ज कराई गई है। इन लोगों ने चौड़ीकरण गजट होने के पहले कृषि भूमि को कामर्शियल परिवर्तन करा लिया था। उन लोगों को सामान्य मुआवजा दिया गया है। यह राशि लोगों ने लेने से मना कर दिया और न ही निर्माण हटाया है। प्रभावित सरकारी भवनों में पंचायत भवन व पुराना जूनियर स्कूल भी शामिल है।
इन लोगों ने दर्ज कराई है आपत्ति
सतीश शिवहरे ,मुकेश शिवहरे, शीला गुप्ता, रामप्रताप,राजेश शुक्ला ,विजय पटेल।
इनका घर और व्यापार होगा समाप्त
वीरेंद्र पटेल, रामखेलावन पटेल, छोटे, रईस, मुमताज, सोनू ,मोनू, रियाज, विष्णु दयाल, महादेव, राजेंद्र ,रामशंकर शुक्ल, श्यामशरण, राजकुमार, शिवहरे, संतोष पटेल, राहुल गुप्ता ,अनिल अवस्थी ,आशु अवस्थी, श्रवण कुमार, सावित्री देवी।
रामखेलावन पटेल का कहना है कि उसका घर और रोजगार समाप्त हो गया है। अगर चौड़ीकरण की अपेक्षा बाईपास बनाया जाता तो बेहतर होता। ऐसा न करके एनएचएआई ने गरीबों को सड़क पर खड़ा कर दिया है।
सोनू अवस्थी का कहना है कि प्राचीन धार्मिक मंदिर टूटने का दर्द बयां नहीं किया जा सकता। पूर्वजों की यह धरोहर हमेशा के लिए मिट जाएगी। इसका दर्द आने वाली पीढ़ियों को महसूस होगा।
राहुल गुप्ता ने कहा कि हमारे पूर्वज व्यापार करते चले आए हैं। चौड़ीकरण से व्यापार समाप्त हो गया है। मुआवजे में भी खेल किया जा रहा है। ऐसे में परिवार का भविष्य चौपट होने के आसार पैदा हो गए हैं।

हाइवे निर्माण में गिराने के लिए चिंहित मकान। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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