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धान की रोपाई शुरू होने से पहले 200 नलकूप दे गए दगा

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तपनी गांव में घटना स्थल पर रोते विलखते परिजन - फोटो : FATEHPUR
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धान की रोपाई से पहले नलकूप दगा दे गए। जिले के 533 सरकारी नलकूपों में 200 से ज्यादा ने जलस्तर घटने से पानी देना बंद कर दिया। 35 नलकूप यांत्रिक और बिजली की गड़बड़ी से ठप हैं। पानी न मिलने से बड़े क्षेत्रफल में धान की रोपाई प्रभावित है। किसान धान के बजाय कम सिंचाई वाली फसलें बोने लगे हैं।
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प्रदेश सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना छलावा साबित हो रही है। राजकीय नलकूप के सहारे खेती करने वाले किसान परेशान हैं। जलस्तर गिरने से ठप राजकीय नलकूपों में मोटर और नीचे करने के लिए पाइप नहीं डाले जा रहे हैं।
करीब पांच महीने से 200 से ज्यादा राजकीय नलकूप जलस्तर गिरने से बंद हैं। 20 राजकीय नलकूप मोटर, स्टार्टर, पाइप की खराबी और 15 ट्रांसफार्मर, केबल, बिजली के तार की खराबी से ठप हैं। राजकीय नलकूप खंड के अधिकारी इन्हें ठीक करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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मंडासराय गांव के किसान कल्लू सिंह ने बताया कि राजकीय नलकूप की पांच महीने से मोटर खराब है। सही कराने के लिए नलकूप आपरेटर से कई बार कहा गया। सुनवाई नहीं हुई। गढ़ा के किसान सत्यप्रकाश ने कहा कि ग्राम पंचायत में 25 राजकीय नलकूप लगे हैं।
दो चल रहे हैं। बाकी बंद हैं। सिंचाई का साधन न होने से धान लगाने का काम बंद कर दिया है। ज्वार, अरहर, उर्द, मूंग की फसल बो रहे हैं। निजी नलकूप वाले किसान ही धान की फसल तैयार कर पाते हैं। यमुना तिरहार के लोगों को सरकार की फ्री सिंचाई योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
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