सड़क पार कर रहे चचेरे भाई-बहन को ट्रक ने कुचल दिया। इससे दोनों की मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार दोपहर सवा एक बजे ललौली थाना क्षेत्र में बांदा-सागर राजमार्ग पर दतौली गांव के सामने हुआ। बांदा-सागर राजमार्ग दतौली गांव से होकर निकलता है।
हादसे में मरने वाले बच्चे सुहानी (8) दतौली गांव निवासी गुरुदेव सिंह की बेटी थी और गर्जन उर्फ अनिकेत (5) गुरुदेव के भाई शिवनारायण का बेटा था। भाई-बहन नलकूप पर नहाने जा रहे थे। सड़क पार करते समय क बरई से गिट्टी लादकर जा रहे ओवरलोड ट्रक ने इन्हें कुचल दिया। अनिकेत की कमर के नीचे का हिस्सा पहियों की चपेट में आया था। सुहानी का पूरा शरीर कुचल गया था। हादसा देखकर मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों की सूचना पर परिजन भी आ गए लेकिन तब तक सुहानी दम तोड़ चुकी थी।
अनिकेत की सांसें चलती देख परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल भागे लेकिन रास्ते में उसकी सांसें भी थम गईं। हादसे के बाद चालक मौके पर ट्रक छोड़कर भाग निकला। बाद में बहुआ चौकी पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया। दो मासूमों की जान जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे जाम करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने समझा बुझाकर उन्हें शांत कर दिया। एसओ बिपिन कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
ललौली थाना क्षेत्र के दतौली गांव में हादसे में एक परिवार के दो बच्चों की मौत से कोहराम मच गया। परिजनों का हाल बेहाल हो गया। वहीं पूरा गांव गमगीन हो गया। ग्रामीणों का दु:खी परिवार के घर सांत्वना देने के लिए तांता लगा रहा।
बता दें बांदा- सागर राजमार्ग में दतौली गांव के पास सड़क पार करते समय अनिकेत और उसकी चचेरी बहन सुहानी को बेकाबू ट्रक द्वारा कुचल देने से मौत हो गई। हादसे में जान गवां बैठा।
अनिकेत इकलौता बेटा था, उसकी एक बहन खुशी है। इकलौते बेटे की मौत से मां नीलम का रो-रोकर बेहोश हो जाती रही। उधर, दूसरे सुहानी के परिवार में भी कोहराम मचा रहा। सुहानी की एक बहन गुड्डी और भाई वीरभद्र व आलोक हैं। एक परिवार के ही दो बच्चों की मौत की खबर पाते ही ग्रामीण उनके घर परिजनों से मिलने पहुंचते रहे।
ट्रक ओवरलोड, कैसे हो काबू?- दो बच्चों की जिंदगी छीन लेने वाला ट्रक ओवरलोड था। कबरई से गिट्टी लादकर ट्रक फैजाबाद की ओर जा रहा था। ट्रक में 50 टन वजन लदा था। इसकी वजह से अचानक सड़क पर आए बच्चों को देखनेके बाद चालक ने ब्रेक लगाई, लेकिन व अनियंत्रित हो गया। ओवरलोड होने के कारण इमरजेंसी ब्रेक मारना भी खतरे से खाली नहीं होता है, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है।
चालक विजय तिवारी ने पुलिस को बताया कि ट्रक की क्षमता 15 टन की है, जिसमें पचास टन गिट्टी लदी थी, जो ट्रक की क्षमता से तीन गुना से भी अधिक है। इन हालातों में ट्रक में इमरजेंसी ब्रेक लगाने से टायर फट जाते। बेकाबू होकर ट्रक पलट भी सकता था। ट्रक मेंटनेंस एक्सपर्ट नईम ने बताया कि दस टायर के ट्रक की क्षमता के अनुसार लोड होने पर किसी भी दशा में रुक सकता है। क्षमता से अधिक लोड होने पर एक बार में फुल ब्रेक नहीं ली जा सकती है।
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स्कार्पियो से बच गए थे मासूम- पैदल सड़क पार करते समय भाई-बहन पहले स्कार्पियो के सामने आ गए थे। चालक ने पूरे दम से ब्रेक लगाकर दोनों की जान बचा ली। बच्चे भी सहम जाने से भागे, लेकिन तब तक ओवरलोड ट्रक ने अपनी चपेट में दोनों को ले लिया।