फतेहपुर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण बंद रहे बाजार 33 दिन बाद खुल गए। सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक बाजार खुलने की समय सीमा निर्धारित होने के कारण दुकानों के शटर उठते ही खरीदार पहुंचना शुरू हो गए। अनलॉक के पहले दिन कोविड-19 गाइडलाइन के अमल पर सवाल उठते रहे। दो गज की दूरी और चेहरे पर मास्क की जरूरत दिखाई नहीं दी।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की चेन तोड़ने के लिए सरकार ने 29 अप्रैल से आंशिक कर्फ्यू की घोषणा कर दी थी। मेडिकल के अलावा दूध-ब्रेड की दुकानों को ही खोलने की अनुमति थी। गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें बंद हो गईं।
लेकिन एक जून यानी सोमवार से आंशिक कर्फ्यू हटा तो दुकानदारों ने बड़ी राहत महसूस की। सुबह जब रेडीमेड, कपड़ा, फुटवियर, सर्राफा, हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक एवं इलेक्ट्रिक, बर्तन बाजार खुले तो दुकानदारों के साथ आमजन ने भी राहत की सांस ली।
हरिहरगंज में एक रेडीमेड की दुकान में सुबह आठ बजे पटेल नगर के अशोक अपने बेटे राज को जींस दिलाने के लिए गए। चौक की एक फुटवियर की दुकान में रेल बाजार की रजनी, छोटे भाई आयुष को सैंडल पसंद कराने ले गई।
मंदिर के पट खुले, भक्तों ने टेका माथा
लंबे अरसे बाद मंदिर खुलने से भक्तों को भगवान के दर्शन हुए। 33 दिन बाद तांबेश्वर मंदिर के पट खुले तो भक्त बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचे। इसी तरह मझिलगांव के कुंडेश्वर महादेव मंदिर में भी भोले बाबा के दर्शन के लिए भक्तगण पहुंचे। मंदिरों में लोगों ने पूजा-अर्चना की।
उठे शटर, निकले धूल के गुबार
लॉकडाउन के चलते 33 दिन बाजार बंद रहे। बाजार बंदी की वजह से दुकानों की साफ सफाई का काम पूरी तरह से ठप रहा। जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कमजोर पड़ने पर सोमवार से व्यापार चालू करने की इजाजत मिली। शटर उठते ही धूल के गुबार बाजार की गलियों में फैलने लगे। दुकानों की साफ सफाई में दुकानदार के साथ परिवार के लोग भी जुटे नजर आए।
टूटती दिखी दो गज की दूरी
सरकार ने कोरोना संक्रमण के मामले कम होने पर पाबंदी के साथ दुकानों को खोलने की छूट दी है। पहले ही दिन खिलवाड़ होता दिखा। दुकानों में दो गज की दूरी पर सवाल खड़े होते रहे। सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में सैनिटाइजिंग की व्यवस्था पर निगरानी नहीं दिखाई दी। इसी तरह कोविड-19 गाइडलाइन में ई-रिक्शा पर चालक समेत तीन लोगों को बैठने की इजाजत दी गई है। कई जगहों पर ई-रिक्शा चालक चार-चार सवारी ढोते नजर आए।