फतेहपुर। गर्मी के तेवर बरकरार हैं। 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गए तापमान में कुछ गिरावट तो हुई लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली। शनिवार को तेज धूप और लू के थपेड़ों ने खासा परेशान किया। राहगीर चेहरे को कपड़े से ढक कर निकले।
धूप से बचने के लिए महिलाएं छाता लिए भी दिखीं। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला के अनुसार, इस बार पिछले साल की अपेक्षा गर्मी ज्यादा परेशान करेगी। कुछ रिकार्ड भी टूटने के संभावनाएं हैं।
अप्रैल के शुरुआत में पारा 41 डिग्री पहुंच गया। हालांकि दो दिन से गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन दोपहर में तेज धूप व गर्म हवाओं के कारण गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। धूप इतनी तेज हो रही है कि दोपहर को सड़क पर निकलने से लोग बचने लगे हैं।
पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। तेज धूप त्वचा तक झुलसा रही है। पछुवा हवा ने दोपहिया व पैदल सफर करने वालों की मुसीबत बढ़ा दी है। हवा से उड़ने वाली धूल परेशानी बढ़ा रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला ने बताया कि अप्रैल से जून तक का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। आने वाले दिनों में बारिश के कोई आसार नहीं हैं। मौसम एकदम साफ रहेगा। शनिवार को अधिकतम पारा 38 डिग्री और न्यूनतम पारा 17 डिग्री रिकार्ड किया गया है।
बढ़ते तापमान को लेकर कृषि वैज्ञानिकों की ओर से भी किसानों को सलाह दी गई है। सब्जियों और मूंग की फसल वाले खेत में हल्की नमी बनाए रखने के लिए एक सप्ताह के अंतराल पर सिंचाई करते रहें। तैयार चना, सरसों की फसलों को काट करके मड़ाई कर लें। मिर्च की फसल में माहू, सफेद मक्खी, थ्रिप्स कीट का प्रकोप बढ़ने की संभावना है। इसके बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड-17.8 एसएल कीटनाशक को एक मिली मात्रा प्रति पांच लीटर पानी में व थायोमेथाक्साम कीटनाशक एक ग्राम तीन लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आरके शर्मा ने बताया कि दुधारू पशुओं के आहार में कम से कम 30 से 40 ग्राम साधारण नमक तथा खनिज लवण मिलाएं। पशुओं को गर्म में लू से बचाने के लिए दिन में दो से तीन बार स्वच्छ पानी पिलाएं। मुर्गी पालन करने वाले उत्तरी व दक्षिणी दिशा में खिड़कियों पर टाट के पर्दे लगा दें और दोपहर में पानी का छिड़काव कर दें।