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छह साल की बच्ची का पड़ोसी ने किया अपहरण-

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मां पूनम के साथ बच्ची। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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बहुआ(फतेहपुर)। ललौली थाना क्षेत्र के कोंडार गांव की एक छह साल की बच्ची को बुधवार दोपहर करीब एक बजे पड़ोसी युवक बिस्किट, टॉफी दिलाने के बहाने से अगवा कर ले गया। खोजबीन में कोई सुराग नहीं लगने से परिजनों में हड़कंप मच गया। पूरी रात जिस जंगल में लोग खोजबीन करते रहे, उसी जंगल से बच्ची गुरुवार दोपहर मिली है। पुलिस ने आरोपी पर बच्ची के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है। जिला महिला अस्पताल में बच्ची का परीक्षण कराया गया है।
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कोंडार गांव निवासी राजवंत सिंह किसान हैं। उनकी पुत्री दर्पण (6) घर के बाहर दोपहर को खेल रही थी। मां पूनम देवी घरेलू कामकाज में व्यस्त थी। तभी गांव का सुजीत सिंह पहुंचा। बच्ची को बिस्किट और टॉफी दिलाने के बहाने से अगवा कर ले गया। करीब दो-तीन घंटे बाद बच्ची का पता नहीं लगने पर परिजनों ने तलाश चालू की। चरवाहों ने परिजनों को सुजीत के साथ बच्ची को अंतिम बार शाम को जंगल की ओर देखने के बारे में बताया। पिता राजवंत ने पुलिस को जानकारी दी। परिजन कोंडार गांव के जंगल में पूरी रात खोजबीन करते रहे, लेकिन कोई पता नहीं लगा। परिजन और पुलिस रात को ही आरोपी की तलाश करते यमुना पार बांदा जिले की पैलानी थाने के बड़ागांव पहुंचे। यहां सुजीत की बहन संजू रहती है। पिता राजवंत ने बताया कि सुजीत घर में नहीं मिला। उसके बाद दोबारा भोर पहर गए। बड़ागांव में ही एक जगह पर सुजीत को सोते पकड़ा। उससे बेटी के बारे में पूछताछ की। उस पर दबाव भी बनाया गया, लेकिन कुछ नहीं कबूला। नशे में यमुना पार कर बहन के घर चले जाने की बात बोलता रहा। ग्रामीण उसे थाने लेकर पहुंचे।
सीओ संजय सिंह और सर्किल का फोर्स ने जंगल में बच्ची की तलाश चालू की। करीब दोपहर 11 बजे बच्ची जंगल में ही जगरूप निषाद और गोरे निषाद को एक गड्ढे से मिली। बच्ची के मिलने से पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। पिता ने बताया कि घटना में सुजीत के साथ और भी कोई शामिल है। जिसने दबाव बढ़ता देखकर गुपचुप तरीके से बच्ची को जंगल में छोड़ा है। सीओ ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। बच्ची घटना के बारे में कुछ नहीं बता सकी है। महिला पुलिस ने जांच की। वह ठीक है। मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
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दहशत में बच्ची की नहीं खुली जुबां
दर्पण के मिलने की खुशी परिजनों और ग्रामीणों में रही, वहीं उसकी दास्तां सुनने के लिए लोग बेताब दिखे। बच्ची इतनी दहशत में थी कि उसने जुबां नहीं खोली। महिलाओं की भीड़ उसकी झलक देखने पहुंची। कोंडार गांव यमुना के किनारे बसा है। यहां का जंगल समतल नहीं हैं। जंगल में मिट्टी के ऊंचे-ऊंचे टीले हैं। बबूल की घनी झाड़ियां हैं। जंगली जानवरों और जहरीले जंतुओं का खतरा बना रहता है। इन हालातों में पूरी रात दपर्ण ने जंगल में गुजारी होगी, यह किसी को विश्वास नहीं हो रहा है। उधर, आरोपी से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने कबूला कि वह शराब के नशे में था। बच्ची को लेकर गांव से गया लेकिन कहां छोड़ा इसका पता नहीं। इसका खुलासा बच्ची के आपबीती बताने पर होगा।
पुलिस ने आरोपी के बहन, भांजों से की पूछताछ
पुलिस ने आरोपी सुजीत के साथ उसकी बहन और भांजों से पूछताछ की है। सुजीत को छोड़कर सभी को शाम को छोड़ा है। पुलिस रात को सुजीत की तलाश में बांदा गई थी। आरोपी के न मिलने पर बहन और एक भांजे को पकड़ लाई थी। पूछताछ के बाद छोड़ा है।
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