फतेहपुर। देवीगंज तिराहे (पुल के नीचे) से लोक निर्माण विभाग कार्यालय तक करीब 900 मीटर सड़क 25 साल से ध्वस्त है। इस मार्ग पर दो इंटर कॉलेज, तीन जूनियर हाईस्कूल, जिला सहकारी बैंक, पुलिस अधीक्षक आफिस, जलनिगम, पीडब्ल्यूडी सहित कई कार्यालय हैं। नेताओं के आवास भी हैं।
सड़क नहीं बनने के कारण लोग मेरा और पार्टी का उपहास करते हैं। यह लाइनें पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला के उस पत्र की हैं, जो उन्होंने लोक निर्माण विभाग मंत्री केशव मौर्य को लिखा हैं।
लोक निर्माण विभाग मंत्री व डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। जबकि हकीकत में सड़कें गड्ढों में बदल चुकी हैं। सरकार और प्रशासन किस कदर गंभीर है, इसकी पोल भाजपा नेता के इस पत्र ने खोल दी है। पूर्व जिलाध्यक्ष की पत्नी शशि शुक्ला जिला सहकारी बैंक की चेयरमैन हैं।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग मंत्री को पत्र लिखकर बताया कि उनके आवास के सामने से निकली सड़क 25 साल से नहीं बनी है। इस कारण इसी सड़क किनारे रहने वाले दूसरे राजनीतिक, व्यवसायिक व अन्य संगठनों के लोग उनका व भाजपा का उपहास उड़ाते हैं, कहते हैं कि भाजपा नेता अपने घर के सामने की रोड नहीं बनवा पा रहे हैं तो शहर की अन्य सड़कों का क्या हाल होगा। मनोज शुक्ला ने स्थानीय लोगों की ओर से सड़क व नाली निर्माण की मांग की है।
900 मीटर की सड़क पर कार्यालय और आवास
देवीगंज तिराहे से टूटी सड़क पर दो इंटर कॉलेज, तीन जूनियर हाईस्कूल, जिला सहकारी बैंक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जल निगम, पीडब्ल्यूडी आफिस, सैनिक कल्याण बोर्ड आफिस, पीएसी पुलिस लाइन, रेलवे स्टेशन का लिंक मार्ग, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष का आवास, जनता दल के पूर्व जिलाध्यक्ष का आवास, जिला मंत्री का आवास, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी व शक्तिपुत्र संगठन के जिलाध्यक्ष, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष का आवास, जिला पंचायत का गेस्ट हाउस, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य का आवास, अपर जिला जज, पूर्व नगर अध्यक्ष भाजपा के आवास हैं।
सांसद और विधायक से भी बता चुके हालत
पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला ने अपने पत्र में यह भी बताया कि उन्होंने जर्जर सड़क की हालत का रोना सांसद साध्वी निरंजन ज्योति व सदर विधायक विक्रम सिंह के सामने भी रोया और पूरे हालात से वाकिफ कराया। दोनों प्रतिनिधियों द्वारा सड़क निर्माण का आश्वासन दिया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। सड़क ढाई दशक से वैसे की वैसे ही पड़ी है।