फतेहपुर। पंचायतों का संचालन प्रशासकों के हाथों में आया तो सभी ने पानी की तरह पैसा बहाया। शासन की मॉनीटरिंग में जनपद की 23 ऐसी ग्राम पंचायतों के नाम प्रकाश में आए हैं, जिन्होंने 25-25 लाख से अधिक की धनराशि खर्च कर दी है। अब सभी की जांच के लिए 11 कमेटियां गठित कर दी गई हैं। कमेटियों ने तो फिलहाल अपना काम शुरू नहीं किया है, लेकिन बुधवार को जब पड़ताल की गई तो 25-25 लाख रुपये खर्च करने वाली पंचायतों में यह हाल नजर आए -
ललौली में 97 लाख खर्च, फिर भी हालत बदहाल
बहुआ। असोथर ब्लॉक के ललौली ग्राम पंचायत में प्रशासक कार्यकाल में एडीओ पंचायत रवींद्र कुशवाहा व पंचायत सचिव रवींद्र की देखरेख में ग्राम पंचायत के खाते से 97 लाख 92 हजार 247 रुपये निकाले गए। इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद जगह-जगह नालियां बजबजा रही हैं। रास्ते दलदल बन गए हैं, जिससे राहगीरों का निकलना दूभर है। पंचायत सचिव ने बताया कि पुराना एकमुश्त भुगतान 30 लाख रुपये का हुआ है। बाकी धनराशि से काम कराए गए हैं। एडीओ पंचायत रवींद्र कुशवाहा ने बताया कि उनके पास पूरा लेखाजोखा है। जब कोई टीम जांच को आएगी तो वह पूरा विवरण देंगे।
150 मीटर सड़क, नाला, टाइल्स में खर्च हो गए 39 लाख
बिंदकी। मलवां ब्लॉक के जाफराबाद ग्राम पंचायत में प्रशासक कार्यकाल के दौरान विकास के नाम पर 39 लाख 34 हजार 806 रुपये निकाले गए। ग्रामीणों से पूछा गया तो पता चला कि क्षेत्र के कुंदनपुर गांव में लगभग 150 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क, फरीदपुर में 30 मीटर नाला निर्माण, जैनपुर और घरहीखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में टाइल्स लगवाने के नाम पर 39 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। गांव की जमीनी हकीकत इस कागजी विकास से परे है।
25 लाख खर्च, बने 17 शौचालय
किशनपुर। विजयीपुर ब्लॉक की गढ़ा ग्रामसभा में प्रशासक के समय 25 लाख के सापेक्ष 17 शौचालय बनाए गए हैं। इसी क्रम में अर्जुनपुर प्राथमिक विद्यालय में छत की मरम्मत, चिटहा प्राथमिक विद्यालय एवं संगोलीपुर में दो स्कूलों में टाइल्स लगे हैं। अन्य कोई बड़ा काम नहीं हुआ।
बोले अधिकारी
ब्लॉक प्रमुखों के शपथ ग्रहण और बकरीद के कारण कमेटियों में लगाए गए अधिकारी ड्यूटियों में व्यस्त रहे। सभी कमेटियां जल्द ही जांच शुरू करेंगी, शासन को 15 दिन में रिपोर्ट देनी है। जांच रिपोर्ट में यदि गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदारों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
- सत्य प्रकाश, सीडीओ