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पांच किसानों का 213 क्विंटल गेहूं का हुआ गबन

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फतेहपुर। असोथर हाटशाखा खरीद केंद्र में गेहूं तौल कराने के नाम पर पांच किसानों का 213 क्विंटल गेहूं गबन कर लिया गया। दो माह बाद भी जब खातों में रुपये न पहुंचने पर किसान केंद्र प्रभारी के पास गए। यहां पर इन किसानों से खरीदे गए गेहूं के कोई दस्तावेज नहीं हैं और न ही ऑनलाइन फीडिंग कराई गई है। किसानों ने अधिकारियों से गुहार लगाई है।
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हाटशाखा क्रय केंद्र असोथर में 19 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की गई। तत्कालीन केंद्र प्रभारी वंदना सिंह ने जरौली के किसान दीपेंद्र सिंह के गेहूं की तौल कराकर बोहनी की थी। 19 अप्रैल को 54 क्विंटल गेहूं की तौल कराई गई। इसी प्रकार असोथर के किसान महामाया ने 20 अप्रैल को, बालेंद्र सिंह ने 22 अप्रैल को क्रय केंद्र में गेहूं की तौल कराई, लेकिन अभी तक इनके खाता में रुपया नहीं आया है।
वहीं बौंडर की महिला किसान अनूपा देवी और किसान सोमनाथ ने 23 अप्रैल को सरकारी खरीद केंद्र में गेहूं की तौल कराई है, लेकिन अभी तक किसी के खाते में रकम नहीं पहुंची। किसानों के साथ अनियमितता बरतने पर केंद्र प्रभारी वंदना सिंह को 26 मई को कार्यालय संबद्ध कर दिया गया था। बाद में इन्हें निलंबित कर दिया गया है।
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मौजूदा केंद्र प्रभारी मुदस्सर ने बताया कि तीन दिन पहले वंदना सिंह खरीद केंद्र पर आई थी, तब किसानों ने उनका घेराव किया था। तब केंद्र प्रभारी ने किसानों को रिसीविंग देकर गेहूं या सरकारी रेट के आधार पर रुपया देने की बात कही थी, लेकिन अब किसान फोन लगा रहे हैं, तो केंद्र प्रभारी फोन रिसीव नहीं कर रही हैं।
कालाबाजारी के मामले की आरोपी हैं वंदना सिंह
असोथर में एक प्राइवेट ठिकाने पर सरकारी बोरियों में गेहूं बरामद होने और एक ट्रक में प्राइवेट गेहूं सरकारी बोरियों में लदा हुआ पाया गया था। डीएम के निर्देश पर डिप्टी आरएमओ ने तीन बिचौलियों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले में स्थानीय विपणन अधिकारी वंदना सिंह को भी एफआईआर में शामिल किया गया था। इसी मामले में वंदना सिंह को निलंबित कर दिया गया था।
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