बहुआ। 30 जून से पहले मौरंग डंप करने में जुटे कारोबारियों ने नियमों को ताक में रख दिया है। अढ़ावल खदान में बड़ी बूम की मशीनों के साथ दर्जनों की संख्या में पोकलैंड मशीन जलधारा में खनन करने के लिए उतार दी गईं। बड़ी बूम की पोकलैंड मशीनों से भी खनन होते मिला। सोमवार को जलधारा से छेड़छाड़ की सूचना पर अढ़ावल पहुंची राजस्व टीम को यहां नियमों का उल्लंघन होते मिला।
अढ़ावल मौरंग खदानों में कंपोजिट खंड एक, दो और 11 में खनन हो रहा है। अढ़ावल 11 की पट्टाधारक रत्ना जादौन के खिलाफ ओटीपी बंद होने के बाद भी खनन करने का मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके बाद भी सोमवार को अढ़ावल 11 के साथ ही एक और दो में यमुना की जलधारा में पोकलैंड मशीनें उतार दिए जाने की सूचना प्रशासन को मिली।
इस पर डीएम के निर्देश पर अपर एसडीएम आशीष कुमार और नायब तहसीलदार विकास पांडेय खनन और पुलिस की टीम को लेकर मौके पर पहुंचे। यहां ट्रकों की कतार देखने को मिलीं। जलधारा से खनन के निशान भी मिले।
तकनीक रूप से जलधारा से छेड़छाड़ हुई या नहीं, इसकी पुष्टि करने के लिए खनन विभाग की टीम को लगाया गया। मगर टीम देर रात तक कोई रिपोर्ट नहीं दे सकी। जिससे फिलहाल खदान संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। डीएम अपूूर्वा दुबे ने बताया कि टीम भेजकर जांच कराई गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
11 ट्रक सीज, 10 का हुआ चालान
अपर एसडीएम आशीष कुमार की अगुवई में राजस्व, एआरटीओ, खनन और पुलिस की संयुक्त टीम ने ओवरलोड वाहनों की धरपकड़ की। टीम ने ललौली थानाक्षेत्र के अंतर्गत शाह और बहुआ कस्बे में 11 मौरंग लदे ओवरलोड ट्रकों को सीज कर दिया। जबकि 10 ट्रकों का चालान कर उनका जुर्माना किया गया।
कानपुर के खनन अधिकारी को मिला अतिरिक्त प्रभार
कानपुर में तैनात खनन अधिकारी कुंवर बहादुर सिंह को फतेहपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जनपद में अभी तक यह पद रिक्त चल रहा था। सोमवार को उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया। आते ही उन्हें अढ़ावल में जलधारा से छेड़खानी कर खनन करने की जांच सुपुर्द की गई है। वह देर शाम मौके की स्थिति देखने के लिए घाट भी पहुंचे।