फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाति बदलकर प्रधान बनने के दो और मामले आए सामने

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेेहपुर। जाति बदलकर प्रधान बनने के दो और मामले सामने आए हैं। चुनाव में छले गए ग्रामीणों ने नव निर्वाचित प्रधानों के खिलाफ शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की है। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

अमर उजाला ने 12 जून के अंक में एससी सीट पर सामान्य जाति का प्रधान बन जाने की खबर प्रथम पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद इसी तरह के दो और मामले प्रकाश में आए हैं। एक मामला हथगाम ब्लाक के गौरा बुजुर्ग गांव का है। यहां के कलीम सिद्दीकी के ऊपर आरोप है कि वह सामान्य जाति के हैं, लेकिन प्रधान पद पर चुनाव लड़ने के कारण कलीम ने पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र लगाया है।
गांव के अजय कुमार, आबिद हसन, मो. हसन, मो. महबान, इमरान, रामसजीवन, हीरालाल ने इस प्रकरण की जांच के लिए एसडीएम खागा से शिकायत की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कलीम सिद्दकी की मूल जाति शेख है जो कि सामान्य जाति में आते है।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता ने 22 पन्नों का प्रमाणपत्र भी दिया है। जिसमें विभिन्न प्रपत्र लगाए गए हैं। उधर, प्रधान कलीम सिद्दीकी का कहना है कि पूरा मामला राजनीतिक है। यदि वह सामान्य जाति के हैं तो प्रशासन को प्रमाण दें। राजनीतिक खुन्नस निकालने के लिए शिकायत की जा रही है।
दूसरा मामला अमौली ब्लाक के बंथरा गांव का है। यहां एससी सीट पर ओबीसी महिला प्रधान के चयन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में बताया है कि बंथरा से ममता देवी ग्राम प्रधान चुनी गई हैं। मगर यह सीट एससी सीट के लिए आरक्षित थी और ओबीसी श्रेेेणी की ममता देवी यहां से एससी के जाति प्रमाण पत्र पर चुनाव लड़कर ग्राम प्रधान बन गई हैं। इस मामले के लिए भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
ओबीसी का बनवाया था प्रमाण पत्र
फतेहपुर। भिटौरा ब्लाक की सेनपुर ग्राम पंचायत में गलत जाति प्रमाण पत्र बनवाकर प्रधान बनने के मामले में नई बात सामने आई है। नव निर्वाचित प्रधान नवाज शरीफ ने खुद को कायस्थ मुस्लिम बताकर अपना ओबीसी जाति का प्रमाणपत्र बनवाया था। शिकायतकर्ता जितेंद्र पाल ने बताया कि जाति बदलने का खेल पकड़ा न जाए, इसके लिए नवाज ने चुनाव चिन्ह कैरमबोर्ड को आगे रखा और खुद को पीछे।
लोगों ने चुनाव चिन्ह पर मतदान किया और नवाज प्रधान बन गए। जबकि इस पूरे परिवार के राशन कार्ड सामान्य जाति के बने हुए हैं। वहीं, इस मामले में ग्राम प्रधान नवाज शरीफ ने कहा कि वह मुस्लिम कायस्थ हैं और उन्होंने सही प्रमाण पत्र बनवाया है। उनके खिलाफ झूठी शिकायत की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें