फतेहपुर। सॉलिड वेस्ट प्लांट मलाका के परिसर स्थित कूड़ा डंपिंग सेंटर में दो बार आग लगने की घटना पर प्रशासन सजग हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने नगर पालिका ईओ मीरा सिंह को डंपिंग सेंटर और प्लांट की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
नगर पालिका में कंट्रोल रूम बनाकर उसका नंबर सार्वजनिक करने के लिए कहा। ताकि लोग पालिका से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकें। साथ ही कूड़ा कलेक्शन करने वाले वाहनों की निगरानी के लिए उनमें जीपीएस लगवाने के भी निर्देश दिए।
पिछले माह दो बार डंपिंग सेंटर में आग लग चुकी है। आग लगाने के आरोप में चार कर्मचारियों पर निलंबन की गाज भी गिरी थी। मलाका के ग्रामीणों ने आग लगने की घटना के पीछे पालिका कर्मचारियों का हाथ बताते हुए प्रदर्शन किया था।
इस पर एसडीएम और ईओ ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। आग लगने के पीछे कर्मचारियों को ही दोषी ठहराया गया था। आग से कूड़े के ढेर में पड़े मवेशियों के शव भी जल गए थे। अफसरों ने किसी तरह स्थिति को संभाला था। इसी का नतीजा रहा कि डीएम ने डंपिंग सेंटर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को गांधी सभागार में हुई पर्यावरण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता (विद्युत) को निर्देशित किया कि प्लांट में तत्काल बिजली कनेक्शन किया जाए। आईटीआई के पास कूड़ा डालने पर डीएम ने नाराजगी जताई और वहां पर कूड़ा न डालने के निर्देश दिए।
कहा कि जो कूड़ा ढुलाई करने वाले वाहन हैं, उनमें जीपीएस लगवाया जाए। घर-घर कूड़ा कलेक्शन किया जाए और पालिका कर्मियों के साथ बैठक की जाए। जो गाड़ियां बायो वेस्ट में लगी हैं, उनका रूट चार्ट बनाएं और रैंडम चेकिंग करें।
उन्होंने कहा कि चालू वर्ष में पौधरोपण लक्ष्य पूरा करने के लिए स्थानों को चिह्नित करें और स्थल की फीडिंग कराएं। पौधरोपण कराने के लिए पहले से गड्ढे खुदवाए जाएं। बैठक में एडीएम (राजस्व) लालता प्रसाद शाक्य, सहायक श्रमायुक्त सुविज्ञ सिंह, बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह, जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह, अधिशासी अभियंता रामसनेही, परियोजना निदेशक अशोक निगम आदि मौजूद रहे।