प्रेमनगर (फतेहपुर)। अलीगढ़ सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन लोगों के शव शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे यहां सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के ऐरायां गांव पहुंचे। गांव में मातम पसर गया। दुर्गंध फैलने की वजह से शवों को एंबुलेंस से नहीं उतारा जा सका और एंबुलेंस दस मिनट बाद ही गंगा घाट पहुंच गए। हादसे में दोनों परिवारों के कमाने वाले लोगों की जान गई है। वहीं, हादसे के शिकार रंजीत की बेटी की शादी पांच मई को नहीं होगी।
ऐरायां मसायक गांव के रंजीत पासवान और ऐरायां कुम्हारनडेरा के दिनेश दिल्ली में पेंटिंग करते थे। लॉकडाउन की वजह से रंजीत अपनी पत्नी रामपति और दिनेश अपनी पत्नी संत कुमारी के साथ दिल्ली से 24 अप्रैल को पैदल लौट रहे थे। अलीगढ़ में कुछ दूर का सफर ट्रैक्टर में लिफ्ट लेकर तय कर रहे थे। वहीं हाईवे पर ट्रैक्टर कंटेनर की भिड़ंत में रंजीत, दिनेश, संत कुमारी की मौत हो गई। तीनों के शव सुबह परिजन एंबुलेंस से गांव लेकर पहुंचे। दस मिनट के अंतिम दर्शन के बाद शव लेकर गंगा घाट में दफन किया। रंजीत की पत्नी रामपति का हाल बेहाल दिखा। लोग कहते रहे कि रामपति को हादसे में भगवान ने बचाया है। मां से बेटियां ममता और प्रियंका लिपट कर रोती रहीं। बेटा अमित शव साथ लेकर आया था।
परिजनों ने बताया कि ममता की पांच मई को आने वाली बरात कैंसिल कर दी गई है। लॉकडाउन के बाद परिवार शादी के बारे में सोचेगा। उधर, कुछ दूरी पर दिनेश का परिवार रहता है। दिनेश के घर में लोगों का आना जाना लगा रहा। सभी उसके मासूम बच्चों सुमित (7) और काजल (9) के भविष्य को लेकर चिंतित दिखे। बाबा शिवराम और दादी पितनी के पास दोनों मौजूद रहे। शिवराम ने बताया कि हादसे में बेटे-बहू दोनों की जान चली गई है।