खागा। भीषण उमस के बीच रात भर बिजली न आने से लोग तड़प गए। बिजली संकट का मुख्य कारण लोकल फाल्ट रहे। कहीं तार टूटकर गिरे तो कहीं ट्रांसफार्मर में आग लग गई। चार फीडर से आपूर्ति ठप रही। पूरी रात लोगों को जागकर काटनी पड़ी।
सोमवार की शाम से शुरू हुए फाल्ट रात तक जारी रहे। भीषण उमस और गर्मी के बीच खागा के पांच में से चार फीडर बंद हो गए। किसी ट्रांसफार्मर में आग लग गई तो कहीं तार टूटकर गिरा। रात में बिजली कर्मचारी समस्या को दूर करने के लिए नहीं पहुंचे तो नतीजा यह रहा कि पूरी रात और मंगलवार की दोपहर तक बिजली आपूर्ति ठप ही रही।
हालात यह बने की उपभोक्ताओं ने फोन करना शुरू किया तो एक-एक करके लाइनमैनों के नंबर बंद हो गए और अधिकारी भी इस अव्यवस्था के आगे मौन हो गए। खागा टाउन में तहसील, विजय नगर, हनुमान मंदिर, जीटी रोड व नई बाजार फीडर से आपूर्ति होती है।
हनुमान मंदिर फीडर: 15 घंटे बाद शुरू हुई बिजली आपूर्ति
कस्बे के हनुमान मंदिर के पास रखे ट्रांसफार्मर में रात करीब 10 बजे केबल में आग लग गई। जिससे आपूर्ति बंद हो गई। बिजली कर्मचारियों का दावा है की आग बुझाई गई तो जनहितहारी कॉलेज के पास तार टूटकर गिर गया। तार किसी तरह से जोड़ा गया तो ट्रांसफार्मर का जंफर कट गया।
नतीजा यह रहा कि दोपहर एक बजे तक बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी थी। ब्राम्हण टोला, गढ़ी मोहल्ले के लोग रातभर अंधेरे में रहे। इसी क्रम में रावण मैदान में रखे ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी के चलते रातभर बंद रहा। इससे बस स्टाप व नौबस्ता रोड के उपभोक्ता परेशान हुए।
जीटी रोड फीडर: रात भर ठप रहा, दोपहर में फिर टूटा तार
जीटी रोड फीडर में सब्जी मंडी में सोमवार की रात करीब नौ बजे तार टूटने के कारण बिजली आपूर्ति बंद हो गई। यहां भी रातभर लोग जागते रहे और बिजली विभाग को फोन करके समस्या को दूर करने की गुहार लगाते रहे।
उपभोक्ताओं ने बताया कि रात में जब लाइनमैन को फोन करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने समस्या तो सुनी और इसके बाद फोन बंद कर दिया। अफसर भी इस मनमानी के चलते अपनी बेबसी बताने लगे। सुबह करीब 12 बजे तार को जोड़ा गया तो आपूर्ति शुरू हुई। हालांकि दोपहर करीब तीन बजे दोबारा तार टूटने से आपूर्ति बंद हो गई।
विजय नगर फीडर: 13 घंटे बाद जुड़ा तार तब मिली बिजली
तार टूटने के कारण विजय नगर फीडर भी बंद होने से उपभोक्ता परेशान हुए। यहां रात करीब 12 बजे तार टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। लोगों ने इसकी सूचना उपकेंद्र में दी लेकिन मरम्मत के लिए कोई नहीं आया। ऐसे में उपभोक्ताओं को रतजगा करना पड़ा।
भीषण उमस के कारण घरों में लगे इंवर्टर भी कुछ ही घंटे में जवाब दे गए और लोगों के पसीने छूटने लगे। बच्चों और बुजुर्ग की हालत सबसे ज्यादा खराब रही। सुबह से ही पानी का संकट रहा। बिजली संकट दोपहर एक बजे तक रहा। विभागीय कर्मचारी फाल्ट ठीक दुरुस्त करने के लिए दौड़-भाग करते रहे।
तहसील फीडर: अफसरों के आवासों की भी बत्ती गुल
किशनपुर रोड पर सिनेमाहाल गेट के पास रखे ट्रांसफार्मर में रात करीब 10 बजे खराबी आई तो यह फीडर भी बंद हो गया। स्थानीय लोगों ने लाइनमैन को खबर दी तो उन्होंने जल्द ही आने की बात कही। लेकिन बाद में फोन बंद कर लिया। इस फीडर से तहसील कैंपस भी जुड़ा है।
जहां एसडीएम, सीओ व न्यायिक अधिकारियों के आवास हैं। लाइनमैन के फोन बंद करने से परेशान उपभोक्ताओं ने एसडीएम खागा प्रहलाद सिंह को सूचना दी तो उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर लाइनमैन को बुलाया। रात करीब 12 बजे आपूर्ति शुरू हुई और सुबह फिर बंद हो गई।