फतेहपुर। सत्रह वर्ष पूर्व चुनाव प्रचार में निकले लोगों पर ताबड़तोड़ गोली चलाकर एक व्यक्ति की हत्या कर देने और दो की हत्या के प्रयास के मामले में फास्ट ट्रैक द्वितीय कोर्ट ने फैसला सुना दिया। मामले में अदालत ने शनिवार को ही फैसला सुरक्षित कर लिया था। इस मामले के आरोपियों से एक ब्लाक प्रमुख धाता के पति राजू सिंह सजा होने के डर से फरार हो गए था, जिसे पकड़ने के लिए अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। सोमवार को पुलिस ने उसे पकड़कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
मामला खखरेरु थानाक्षेत्र के कुढ़वापर गांव में 18 अक्तूबर 2005 की शाम सवा सात बजे का है। वादी महेश चंद्र पांडेय बीडीसी प्रत्याशी अयोध्या प्रसाद के साथ समर्थन में अपने गांव के श्याम नारायण मिश्र, शिवरूप सिंह और वरुण पांडेय के साथ प्रचार के लिए कुढ़वापर गांव गए थे। प्रचार समाप्त कर जैसे ही गांव के बाहर आए बोलेरो गाड़ी से राजू उर्फ राज नरायण सिंह, दरोगा उर्फ कुंज बिहारी और छविलाल सोनकर राइफल और तमंचे लेकर पहुंचे और उन्हें घेरकर गोलियां चला दीं। गोली लगने से श्याम नारायण मिश्र की मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि महेशचंद्र पांडेय, वरुण और शिवरूप गोली लगने से घायल हो गए। गोलियां चलने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को एकत्र होता देख मुल्जिम मौके से फरार हो गए। इसके बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। राज नरायण सिंह उर्फ राजू की पत्नी प्रदीपिका सिंह वर्तमान में धाता ब्लाक प्रमुख हैं। हत्या के मामले में न्यायालय के समक्ष दस गवाहों ने अपने-अपने बयान दर्ज कराए। मृतक और वादी को न्याय दिलाने के लिए सहायक शासकीय अधिवक्ता शिव किशोर वर्मा ने पैरवी की। अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत का फैसला आने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।