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कब्रिस्तानों पर आज लोग पढ़ेंगे फातिहा

Thu, 11 May 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ फतेहपुर
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फतेहपुर। शब-ए-बरात पर गुरुवार को लोग कब्रिस्तानों पर जाकर फातिहा पढ़ेंगे। इस दौरान कब्रिस्तानों की साफ सफाई के साथ ही रोशनी का भी इंतजाम किया जा रहा है। इससे लोगों को रात में आने-जाने में किसी को दिक्कत न हो।
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काजी-ए-शहर फरीदउद्दीन कादरी ने बताया कि इस रात ऐसी इबादत की जानी चाहिए, ताकि हमारे बुजुर्ग, माजूर (लाचार), बीमार और गैर मुस्लिम हम वतन भाइयों को कोई तकलीफ न होने पाए। इस रात में गुस्ल और तहारत (पाकीजगी) के बाद मगरिब व ईशा की नमाज को जमात के साथ अदा की जाए। पूरी रात तिलावते कुरान, नफिल नमाज पढ़ने के बाद अल्लाहताला की बारगाह में दुआ मांगे। पूरी रात अल्लाह के जिक्र में गुजार कर सुबह रोजा रखें।   काजी-ए-शहर ने कहा कि  रात को एक बाइक पर चार-चार नौजवान और किशोर सवार होकर सड़कों पर हंगामा करते हैं। इससे यातायात नियम की धज्जियां उड़ती हैं। चौराहों पर सिगरेट और बीड़ी पीकर अपना वक्त बर्बाद करते हैं। सच तो यह है कि इस मुकद्दस शब में गुनाहों में मुबतिला होना पैगंबर इस्लाम की शरीयत का मजाक उड़ाना है। यह इस्लामी उसूलों के खिलाफ है। खागा प्रतिनिधि के अनुसार  शब-ए-बरात के लिए कब्रिस्तानों की साफ सफाई की गई। मौलाना रसूल नूरी ने बताया कि शब फ ारसी शब्द है, जिसका अर्थ रात है। बरात अरबी शब्द है, जिसका अर्थ निजात है। इस रात को गुनाहों से छुटकारा पाने की रात भी कहते हैं। मुस्लिम कब्रिस्तान जाकर फ ातिया पढ़कर मगफिरत की दुआ करते हैं।  मौलाना ने नवजवानों से हुड़दंग न मचाने की अपील की है।
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