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प्रमाणित व आधारीय बीज से जिले के किसानों की बढ़ेगी आय

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फतेहपुर। रबी और खरीफ की फसलों की बुआई के लिए प्रमाणित व उन्नतशील बीज अब जिले में एफपीओ तैयार करेंगे। इसकी पैकिंग करके राजकीय बीज भंडारों से बिक्री होगी। इसके लिए 60-60 लाख रुपये से बीज विधायन संयंत्र बनाए जा रहे हैं, जिसमें तीन बनकर तैयार हो गए।
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शनिवार को उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार में टीम के साथ जाकर सत्यापन किया। मशीनों को चलवा कर बीज पैकिंग का तरीका देखा।
किसान संगठनों के माध्यम से जिले में पांच बीज विधायन संयंत्र बनाए जा रहे हैं। जिसमें हसवा ब्लाक के प्रगतिशील कृषक उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी, खेत खलिहान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी और उत्कर्ष प्रोड्यूसर कंपनी के बीज विधायन संयंत्र बनाकर तैयार हो गए हैं। इन तीनों एफपीओ का बीज विकास निगम की ओर से बीज तैयार कराने का पंजीकरण भी हो गया है।
ट्रॉयल के रूप में 36 हेक्टेयर में गेहूं का बीज तैयार किया जा रहा है। कृषि विभाग की टीम ने बीज विधायन संयंत्र का स्थलीय सत्यापन किया। वहां पर लगी मशीनों को चलवा कर ट्रायल किया। इस मौके पर उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार, कुंवरसेन गंगवार, उप संभागीय कृषि प्रसाद अधिकारी रंजीत कुमार चौरसिया और अनिल कुुमार मौजूद रहे।
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कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से कृषि को व्यापारिक ढंग से करके मुनाफा कमाया जा सकता है। इसके लिए किसानों को एफपीओ में जुड़ना होगा और उन्हें शेयर जमा करना होगा। तब किसानों को तकनीक, मार्केटिंग, लोन, प्रोसेसिंग, सिंचाई जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
बीज विधायन संयंत्र के संचालकों को इस बार ट्रायल के रूप में बीज तैयार करने को कहा गया था, लेकिन आगे इनको पांच-पांच हजार क्विंटल बीज तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एफपीओ में कृषक सदस्य बढ़ाए जाएंगे और उन्हीं किसानों को एफपीओ की ओर से बीज दिया जाएगा, फिर समर्थन मूल्य पर खरीद करेंगे। बीज विधायन संयंत्र में फसल उत्पाद को तैयार करेंगे, बोरी में पैक करके बिक्री करेंगे। बोरी में बीज तैयार करने वाले संगठन का नाम दर्ज होगा।
तीन बीज विधायन संयंत्र बनकर तैयार हो गए हैं। इनका सत्यापन भी करा लिया गया है। एफपीओ के डायरेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि किसानों को सदस्य बनाएं और रबी, खरीफ सीजन में पांच-पांच हजार क्विंटल बीज तैयार करें। जिले से जो बीज बढ़ेेगा, उसे प्रयागराज मंडल के अन्य जिलों में भेजा जाएगा।
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- राममिलन सिंह परिहार, उप कृषि निदेशक
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