अल्लीपुर (फतेहपुर)। घर के बरामदे में किसान का रविवार भोर रस्सी के फंदे से लटकता शव मिला। परिजन ने परिवार के कुछ लोगों की शिकायत पर क्षेत्र के दरोगा और पुलिस कर्मियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस ने घर पहुंचकर गाली-गलौज की और धमकी दी।
घटना मलवां थाने के कोराईं गांव की है। गांव निवासी झुराखन पासवान (48) बटाई पर खेत लेकर खेती करते थे। उन्होंने कुछ समय पहले निजी ट्रैक्टर भी खरीदा था। पुत्र रामू की वरीक्षा 15 अक्तूबर को थी। वरीक्षा के दौरान उसने अलग घर में रहने वाले पिता से रिश्तेदारों को ठहराने के लिए जगह मांगी थी। इसी बात को लेकर परिवार में विवाद हुआ।
वरीक्षा के दूसरे दिन झुराखन का पिता से विवाद हो गया। पिता के पक्ष में छोटा भाई रामलखन और उसकी पत्नी मीना देवी पहुंचीं। मीना ने यूपी-112 नंबर पर झगड़े की सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने में शिकायत करने की बात कहकर लौट गई। इसके बाद मीना ने थाने में शिकायत की।
झुराखन की पत्नी प्रेमा का आरोप है कि क्षेत्र के दरोगा और पुलिस कर्मी 17 अक्तूबर को घर आए। उन्होंने परिवार के लोगों से गाली-गलौज की और पति को थाने बुलाया। उनकी ओर से पुत्र रामू प्रार्थना पत्र लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने गाली-गलौज कर उसे भगा दिया। साथ ही पिता को लेकर आने का दबाव बनाया।
आरोप है कि पुलिस पति पर दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज होने की बात कह रही थी। पुलिस और परिजन से प्रताड़ित पति का शव घर के बरामदे में दीवार के बयाले पर रस्सी के फंदे से लटकता मिला। आरोप है कि परिवार के लोगों ने रात में पति की हत्या कर शव फंदे से लटका दिया। घटना के बाद से आरोपी पक्ष घर पर नहीं है।
नाराज परिजन ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। करीब साढ़े 10 बजे सीओ सिटी गौरव शर्मा पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ सिटी ने बताया कि तहरीर की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। झुराखन के खिलाफ पूर्व में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है।
पुलिस की लापरवाही का आरोप
सूरजदीन के तीन पुत्र झुराखन, शिवलखन और रामलखन हैं। तीनों भाई अलग-अलग रहते हैं। पिता सूजरदीन अपनी पत्नी मिठाना के साथ अलग रहते हैं। परिजन का आरोप है कि झुराखन की मौत की सूचना पर पुलिस सुबह सात बजे पहुंची और रस्सी काटकर शव नीचे उतार दिया, जबकि फॉरेंसिक टीम आठ बजे पहुंची। पुलिस ने टीम का इंतजार भी नहीं किया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस दोनों पक्षों को पहले ही बैठाकर समझौता करा सकती थी। विवाद इतना बड़ा नहीं था। उनका आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण घटना हुई।
फाइल फोटो-29-झुराखन पासवान। स्रोत: परिजन
फाइल फोटो-29-झुराखन पासवान। स्रोत: परिजन