कुदरत के कहर ने किसानों की कमर तोड़ दी। होली के ऐन वक्त बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की मेहनत और पसीने की छह महीने की कमाई बर्बाद हो गई। पीड़ित किसानों ने कृषि ऋण और बिजली बिल मांफ करने की मांग की।
बहुत से किसानों को परिवार के भरण पोषण के मजदूरी का सहारा लेना पडे़गा। इससे किसानों की होली फीकी पड़ गई है, जिसमें प्रदेश सरकार की मुआवजे की घोषणा जले में नमक छिड़कने का काम कर रही है।
अपना दल कार्यकर्ताओं ने बुधवार को डीएम के द्वारा सीएम व पीएम को ज्ञापन दिया, जिसमें किसानों की बर्बाद हुई फसलों की पड़ताल तुरंत कराकर कृषि ऋण को मांफ करने की अपील की है।
बुधवार को एक दर्जन किसानों के साथ पार्टी जिलाध्यक्ष सत्यनारायण ने डीएम से किसानों की पीड़ा बयां की, जिसमें भारी बारिश व हवाओं से 70 फीसदी फसलें नष्ट हो गई हैं।
इससे कृषि में लिया गया लोन किसान चुकाने की स्थित में नहीं है। इससे किसानों का कृषि लोन, निजी नलकूपों का बिजली बिल मांफ करने की मांग की है।
इस मौके पर सुशीला सिंह, विमल पटेल, शशिकला पटेल, अमर सिंह प्रधान, जयपाल उमराव, छेदालाल, राजेंद्र पटेल, सत्यदेव वर्मा, चंद्रशेखर पटेल, राजेश कुमार पटेल, एसपी निषाद, रामसागर प्रजापति, बाबूराम वर्मा, कृष्ण कुमार पटेल आदि रहे।
असोथर क्षेत्र के किसान लक्ष्मीचंद्र ने बताया कि गेहूं की फसल में बालियां निकल कर दाना पड़ने का समय था। रविवार को हुई जोरदार बारिश से फसल एक तरफ से गिर गई है, जिसमें अब सिर्फ जानवरों के लिए भूसा होगा, गेहूं की पैदावार 40 फीसदी से कम होगी।
किसान रजोली ने बताया कि धान की फसल में केसीसी से रुपया निकाला था। सूखे से फसल बर्बाद हो गई थी, जिससे बैंक का कर्ज नहीं चुकाया गया है। अब ऐसी हालत में गेहूं की फसल में भी कर्ज चुकाना मुश्किल है।
दयाशंकर ने बताया कि फसल बर्बाद होने पर शासन की ओर से सिर्फ घोषणाएं होती हैं, जिसका सिर्फ प्रभावशाली किसानों व अधिकारियों से सांठगांठ करने वाले किसानों को दिया जाता है। सूखे से बर्बाद हुआ धान की फसल में मिलने वाले मुआवजे का कोई अता पता नहीं है।
किसान पप्पू तिवारी ने बताया कि बारिश में चना और मसूर की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इससे खेतों में एक साल तक खाने के लिए भी अन्न की पैदावार नहीं हो सकेगी।
किसान सभा ने सौंपा ज्ञापन
खागा। लगातार तीन दिनों की वर्षा और तूफान से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर भाकपा से संबंधित उप्र किसान सभा ने बुधवार को एक चार सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से सीएम को भेजा है।
ज्ञापन में किसान सभा के नेताओं ने कहा है कि वर्षा और तूफान से दलहन, तिलहन, गेहूं और आलू की फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं।
ज्ञापन में चौपट हुई फसलों का सर्वे कराकर उचित मुवाअजा, किसानों के कर्जों का ब्याज माफ, वसूली की रोक, नलकूप के बिजली बिलों को माफ और बिना ब्याज का ऋण दिलाने की मांग की गई है। इस मौके पर अध्यक्ष राधेरमण पांडेय, मंत्री रामप्रकाश, और जगदेव, रामऔतार सिंह, मोतीलाल एडवोकेट, रामचंद्र, शिवनायक, राजाराम और मिथलेश कुमार मौजूद रहे।
किसानों को जनसेवक ने दी सांत्वना
बिंदकी। तहसील क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई लगातार दो दिनों कीबारिश से बेहाल हुए किसानों को सांत्वना देने के लिए पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक ने गांवों का दौरा किया। जनसेवक ने अमौली, खजुहा, देवमई, तेलियानी विकास खंडों के दर्जनों गांव का दौरा किया। इन गांव की फसलें बेमौसम हुई बरसात की आपदा में चौपट होने पर किसानाें को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उनकी हर संभव मदद सरकार से कराई जा रही है। उन्होंने ने डीएम राकेश कुमार से वार्ता कर कहा कि पूरे जिले में इस दैवीय आपदा से बर्बाद हुई फसल की रिपोर्ट शीर्घ बनवा कर शासन को भेजें ताकि मुख्यमंत्री से जिले के लिए किसानों को धन आंवटित कराकर उन्हें राहत दिलाई जा सके।