संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बेटे के नौकरी के चक्कर में ठगी का शिकार हुए किसान की मौत के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। परिजन का दावा है कि किसान पहले कई बार आरोपियों के खिलाफ शिकायती पत्र पुलिस को दे चुका था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के बसंतीखेड़ा निवासी विमल उर्फ बड़कू (55) शनिवार शाम घर से निकले थे। इसके बाद रविवार शव सुबह पड़ोसी गांव भवानीपुर के आनंद वर्मा के खेत उनका शव मिला था। परिजन व पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी।
छोटे पुत्र सुजीत ने आरोप लगाया कि सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर उसके पिता से अमेना गांव के नीरज और भवानीपुर के सोनू ने 10 लाख 15 हजार रुपये लिए थे। सेना का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था। नौकरी नहीं लगने पर पिता एक साल से दोनों से रुपयों की मांग कर रहे थे।
पिता घर से दोनों के पास रुपये मांगने के लिए गए थे। जिसके बाद शव खेत से मिला। कोतवाल प्रमोद राव ने बताया कि किसान की पत्नी विमला की तहरीर पर नीरज और सोनू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।