असोथर (फतेहपुर)। थाना क्षेत्र के गड़रियनपुरवा मजरे सातों पीत गांव में शनिवार देर रात नलकूप पर किसान सीताराम पाल (75) की बाएं सीने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। कंधे, पैर और पेट पर नुकीली चीज से गोदने के भी निशान मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात को एक से अधिक लोगों ने मिलकर अंजाम दिया है।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने भी नलकूप और घर के अंदर जांच की। यहां एक ग्रामीण ने करीब रात 12 बजे बचाओ-बचाओ का शोर सुनाई देने का पुलिस को बयान दिया है। हत्या के खुलासे के लिए एसपी ने पुलिस की चार टीमें गठित की हैं।
सीताराम पाल गांव के घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित नहर किनारे 10 बीघा खेत हैं। कृषि के साथ खेत पर ही मुर्गी पालन भी करते थे। पत्नी शिवदुलारी की करीब चार वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से वह खेत पर रहते थे। घर से पौत्रियां करीब रात नौ बजे सीताराम को खाना देकर आईं थी।
उन्होंने रात को खाना खाया। खाने के बाद वह चारपाई पर मच्छरदानी लगाकर लेटे थे। ग्रामीणों ने सुबह मृत अवस्था में देखकर परिजन को खबर दी। शरीर खून से लथपथ था। बाएं हाथ के पंजा फटा था। बीच की अंगुली में काले रंग का बारूद का निशान दिखा।
पुलिस ने अंदाजा लगाया कि घटना के वक्त किसान जाग रहा था। उसने हमलावर का तमंचा पकड़ लिया होगा। फायर उसके हाथ पर हुआ। हालांकि गोली किसान के बाएं सीने में धंसी मिली। गोली लगने के बाद अधिक खून बहने से मौत हुई है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि सीताराम के पैर मच्छरदानी के बाहर लटके थे। शरीर मच्छरदानी पर टिका था।
एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या गोली से मौत होना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हालात और भी साफ हो जाएंगे। परिवार की फिलहाल किसी रंजिश की बात सामने नहीं आई।
ग्रामीण जग्गू ने सुनी चीख की आवाज
घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर रहने वाले जग्गू ने बताया कि रात करीब 12 बजे सीताराम पाल की चीख की आवाज आई। उसने बचाओ-बचाओ शोर सुना। इसके बाद गांव के ही शिवकरन को कॉल की। कॉल नहीं उठी। रविवार सुबह सीताराम का शव चारपाई पर मिला।
फाइल फोटो-15- सीताराम । स्रोत परिजन
फाइल फोटो-15- सीताराम । स्रोत परिजन
फाइल फोटो-15- सीताराम । स्रोत परिजन
फाइल फोटो-15- सीताराम । स्रोत परिजन