थरियांव। केवीके थरियांव में किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। किसानों को फसलों से आय बढ़ाने के तरीका बताए गए। कृषि वैज्ञानिकों ने चना, मटर की फसल से बीज तैयार करने के विषय में बताया।
गरीब कल्याण रोजगार अभियान में प्रवासी किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। केंद्र प्रभारी डॉ. आरके सिंह ने किसानों को फसलों के बीज का महत्व बताया। कहा कि फसल से ही बीज तैयार किया जाता है।
इसके लिए किसानों को फसल तैयार होने के बाद बीज की गुणवत्ता तैयार करनी होगी। चना, मटर की बुआई का समय है। जब फसल तैयार हो जाए तो उसमें ज्यादा से ज्यादा हिस्से की फसल को बीज के लिए तैयार करें।
फिर पैकिंग कराकर बाजार में बिक्री करें। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र स्वरूप ने कहा कि फसल को जब पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिलेंगे, तभी उपजाऊ बीज तैयार होगा।
इसके लिए खेत में हरी खाद, गोबर की खाद का उपयोग बहुत जरूरी है। मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला ने कहा कि मौसम के अनुसार किसानों को फसलों की बुआई करनी चाहिए।
महिला वैज्ञानिक डॉ. अल्का कटियार ने फलों से रेसिपी बनाने के विषय में बताया।