फतेहपुर। पिछले वित्तीय वर्ष में 50 लाख रुपये से लगाए गए दो सरकारी ट्यूबेल ठूंठ बन गए हैं। विद्युत विभाग ने इन ट्यूबेलों की आधी- अधूरी लाइन बनाई है। नलकूप खंड ने डेढ़ साल पहले इस्टीमेट के अनुसार दोनों ट्यूबेलों के कनेक्शन की धनराशि विद्युत वितरण खंड तृतीय (खागा) में जमा करा दी थी। ट्यूबवेल से मुफ्त सिंचाई की आस लगा रहे किसान भी मायूस हो गए हैं।
राजकीय नलकूप खंड से वित्तीय वर्ष 2019-20 में 25-25 लाख रुपये की लागत से असोथर ब्लाक के देवलान गांव में दो राजकीय नलकूप लगाए हैं। नलकूप खंड ने बोरिंग शुरू होने के साथ ही अप्रैल 2019 में दोनों ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन की धनराशि भी जमा करा दी थी। डेढ़ साल बीत गए हैं, अभी तक इन दोनों ट्यूबवेल में बिजली आपूर्ति चालू नहीं हुई है।
बिजली विभाग की कार्यदायी संस्था ने दोनों ट्यूबवेल तक खंभा लगाकर तार खींच दी है। बीच में आंधी से टूटे खंभे जस के तस पड़े हैं। इस वजह से ट्यूबवेल का संचालन शुरू नहीं हो सका। जब कि इन दोनों सरकारी ट्यूबवेल से करीब 150 हेक्टेयर की सिंचाई होनी है। नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता किशनलाल का कहना है कि बिजली लग जाए तो सरकारी ट्यूबवेल चालू करा दिए जाएंगे।
कनेक्शन का रुपया भी विभाग में डेढ़ साल पहले जमा हो चुका है। अधीक्षण अभियंता आनंद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि दोनों नलकूपों की लाइन तैयार करा दी गई थी, लेकिन आंधी में खंभे टूट गए थे। उनको दोबारा लगा दिया गया है। दो दिन में व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी।