खागा। कोतवाली क्षेत्र के जीटी रोड स्थित रानी चंद्र प्रभा डिग्री कॉलेज के पास संचालित अपंजीकृत नर्सिंग होम में गर्भवती महिला का ऑपरेशन करने वाले फर्जी सर्जन को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ करने के बाद उसे जेल भेज दिया है।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के पास सर्जरी की कोई डिग्री नहीं थी। वह केवल फार्मासिस्ट है। इसके बावजूद उसने प्रसव का ऑपरेशन किया। इससे महिला की जान चली गई।
किशनपुर थाना क्षेत्र के लोधौरा गांव निवासी अजय कुमार निर्मल ने बताया कि अगस्त में गर्भवती पत्नी संगीता (33) को डिग्री कॉलेज के पास स्थित संदीप अस्पताल (नर्सिंग होम) में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन किसी बाहरी व्यक्ति को बुलाकर कराया गया। इस दौरान एक पुत्र का जन्म हुआ।
ऑपरेशन के बाद रक्तस्त्राव नहीं रुका। अस्पताल प्रबंधन ने खून के दो यूनिट के लिए 17 हजार रुपये लिए फिर भी पत्नी की हालत बिगड़ती गई।स्थिति न संभली तो परिवार को मरीज को बाहर ले जाने के लिए कहा गया। अजय ने पत्नी को पहले शहर और फिर प्रयागराज के अस्पताल में भर्ती कराया। यहां तीन सितंबर को संगीता की मौत हो गई।
इसके बाद परिजन ने खागा नर्सिंग होम में शव रखकर हंगामा किया था। पुलिस ने जांच के बाद किशनपुर के ब्योटी गांव निवासी संदीप सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास सिर्फ बीफार्मा की डिग्री थी और उसी ने ऑपरेशन किया था।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही नर्सिंग होम को सील कर दिया था। कोतवाली एसएसआई केके यादव ने बताया कि आरोपी संदीप सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
खागा में बिना पंजीयन के चल रहे कई नर्सिंग होम
क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से कई नर्सिंग होम बिना पंजीयन के चल रहे हैं। कोई भी व्यक्ति किसी मकान के बेसमेंट को किराये पर लेकर चार-पांच बेड डालकर अस्पताल का बोर्ड लगा ले रहा है। मेडिकल क्षेत्र के थोड़ा बहुत जानकार युवाओं को रखकर इलाज किया जा रहा है। यहां पर न तो कोई अधिकृत डाॅक्टर होता है और न ही पैरा मेडिकल स्टाफ। नगर के नौबस्ता रोड, मानु का पुरवा में करीब छह अस्पताल, पॉली क्लीनिक, किशनपुर रोड, हरदो, प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर, ऐलई रोड पर बड़े पैमाने पर बगैर पंजीकृत अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इनके खिलाफ विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जांच के नाम पर सिर्फ नोटिस देकर अधिकारी मामले में लीपापोती कर देते हैं।
फोटो-25-आरोपी संदीप सिंह। संवाद