फतेहपुर। हुसैनगंज के पूर्व बसपा विधायक मोहम्मद आसिफ शेख को रविवार बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। जिला नेतृत्व ने इसका ऐलान रविवार को बसपा सुप्रीमो के फोन पर मिले आदेश के बाद लिया। पूर्व विधायक पर अनुशासनहीनता के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। हालांकि माना जा रहा है कि वह पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के करीबी थे। इसीलिए उनको भी बाहर का रास्ता दिखाया गया।
मुंबई में कारोबार करने वाले मोहम्मद आसिफ को बसपा ने 2011 के चुनाव में जिले की नवसृजित हुसैनगंज विधानसभा से टिकट दिया था। आसिफ ने 2799 मत से कांग्रेस की ऊषा मौर्या का हरा कर यह चुनाव जीता था। पार्टी ने इस बार के विधानसभा चुनाव में बिंदकी विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा के साथ इन्हें रिपीट किया था लेकिन मोदी में पिछले चुनाव में तीसरे नंबर पर भाजपा के ही रणवेंद्र प्रताप सिंह से चुनाव हार गए। रविवार को इन्हें पार्टी से बाहर करने का फरमान बसपा सुप्रीमो ने फोन कर सुना दिया।
जिलाध्यक्ष सीताराम गौतम ने बताया कि आसिफ ने क्षेत्र की जनता से न सिर्फ दूरी बनाए रखी बल्कि संगठन को भी हाशिए पर रखने का काम किया। वह कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, अनुशासनहीनता के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियाें में शामिल रहे। बहनजी ने इन सभी शिकायतों को संज्ञान में लेकर पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस मामले में पूर्व विधायक हुसैनगंज से बात नहीं हो सकी। उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताता रहा।