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वाराणसी के राजघाट पर हुए हादसे की आंच जिले में भी

Mon, 17 Oct 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
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बेसड़ी गांव में मृतक पृथ्वी के दरवाजे पर जुटीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के राजघाट पुल पर शोभायात्रा के दौरान हुए हादसे की आंच जिले पर भी आई है। हादसे में जिले के एक पुलिस चौकीदार और एक विधवा की जान भी गई है। इसके अलावा दर्जन भर लोग घायल हुए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन शव लेकर घर लौट आए हैं।
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बता दें कि वाराणसी में जय गुरुदेव धर्म प्रचार संस्था के महामानव संगम आध्यात्मिक सत्संग में शामिल होने के लिए जिले से बसों में सवार होकर हजारों लोग गए थे। इन्हीं में असोथर थाना क्षेत्र के बेसड़ी गांव से दो बसों में भर कर अनुयायी गए थे। एक बस में रामआसरे, अर्जुन, राजा, छेद्दू, भिक्खू, जनार्दन, नरेश कुमार, इंद्रपाल के साथ पृथ्वीपाल पासवान (60) व उसकी पत्नी बृजरानी आदि भी साथ गई थीं।

बृजरानी ने बताया कि उसमें और पति में मात्र 50 मीटर का फासला था। एक पंगत में महिलाएं चल रही थीं तो दूसरी में पुरुष। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई। भगदड़ के बाद जब शोर थमा तो पति का शव जमीन पर पड़ा था। पति का शव देख वह चीख पड़ीं फिर क्या हुआ नहीं मालूम क्योंकि इसके बाद वह बेहोश हो गई।
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इसी प्रकार हुसैनगंज थानाक्षेत्र के बहबलपुर गांव की बेवा छेद्दी देवी लोध उर्फ इंदी (65) अपने नाती साजन और नातिन रानी के साथ अनुयायियों से भरी बस से कार्यक्रम में पहुंची थी। भगदड़ के बाद जान बचाने के लिए भाग रहे लोगों के बीच फंसकर इंदी ने भी दम तोड़ दिया।

असोथर/ हुसैनगंज प्रतिनिधि के अनुसार, रविवार को असोथर थाना क्षेत्र के बेसड़ी गांव के पृथ्वी पाल पासवान व हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बहबलपुर गांव की छेद्दी लोध उर्फ इंदी के शव लाए गए। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शोकाकुल चौखटों पर सांत्वना देने के लिए दिन भर लोग जुटते रहे। दोनों गांव में मातम सा माहौल रहा। सत्संगियों के घर में तो चूल्हा भी नहीं जला। हादसे में इंदी की नातिन रानी, राके श, अयोध्या व महेश सहित दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
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